नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोला है। ममता ने कहा कि छात्र राजनीति के दिनों से लेकर आज तक, ऐसा गंदा और घिनौना चुनाव नहीं देखा। मुख्यमंत्री ने सीधा आरोप लगाया कि यह चुनाव भाजपा के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी सरकारी मशीनरी, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के सीधे हस्तक्षेप के खिलाफ था। ममता ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए दावा किया कि साजिश के तहत वोटर लिस्ट से 90 लाख नाम हटा दिए गए थे। जब टीएमसी कोर्ट गई, तब जाकर 32 लाख नाम बहाल हुए, लेकिन खेल यहीं खत्म नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में चोरी-छिपे 7 लाख अन्य नाम जोड़ दिए गए, जिसके बारे में किसी को कानोकान खबर नहीं होने दी गई। ममता ने कहा कि 2004 में जब वह अकेली थीं, तब भी उन्होंने ऐसी चुनावी डकैती और अत्याचार नहीं देखा था।
मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं
पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हमारी लड़ाई भाजपा से नहीं बल्कि पक्षपाती चुनाव आयोग से थी। हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ममता ने बड़ा एलान किया कि मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं। उन्होंने भाजपा पर संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
बंगाल में हुई लोकतंत्र की हत्या, भाजपा ने की वोटों की लूट
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी हार को सिरे से नकारते हुए भाजपा पर ‘लोकतंत्र की हत्या’ और ‘वोटों की लूट’ का सनसनीखेज आरोप लगाया है। ममता ने दहाड़ते हुए कहा कि हम इलेक्शन नहीं हारे हैं, बल्कि भाजपा ने चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर जनादेश का अपहरण किया है। उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि वोटर लिस्ट रिवीज़न के नाम पर जानबूझकर उनके समर्थकों के लाखों वोट काट दिए गए और काउंटिंग के दौरान उनके एजेंटों को डराया-धमकाया गया। ममता ने साफ कर दिया कि पूरा इंडिया गठबंधन उनके साथ खड़ा है और वे भाजपा की इस ‘वोट डकैती’ के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगी, बल्कि इस धांधली को अदालत में चुनौती देकर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगी।
यह जीत दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम
असम विधानसभा चुनाव 2026 में एनडीए गठबंधन की शानदार जीत के बाद असम सरकार के मंत्री और एजीपी नेता अतुल बोरा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात कर उन्हें इस बड़ी कामयाबी पर बधाई दी। इस दौरान बोरा ने कहा कि यह जीत मुख्यमंत्री के गतिशील और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है, जिस पर जनता ने मुहर लगाई है। राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करते हुए भाजपा नीत एनडीए ने दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया है।
सिर्फ कांग्रेस के समर्थन से तमिलनाडु में सरकार नहीं बना सकती टीवीके: द्रमुक नेता
तमिलनाडु चुनाव के नतीजों पर द्रमुक नेता टीकेएस इलांगोवन ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके केवल कांग्रेस के समर्थन से सरकार नहीं बना सकती, क्योंकि कांग्रेस के पास सिर्फ पांच विधायक हैं। 234 सीटों वाली विधानसभा में 108 सीटें जीतने वाली टीवीके को अन्नाद्रमुक (47 सीटें) के समर्थन की जरूरत होगी। इलांगोवन ने कहा कि अगर अन्नाद्रमुक समर्थन नहीं देती है, तो त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनेगी और दोबारा चुनाव हो सकते हैं। उन्होंने अपनी हार की समीक्षा करने की बात कहते हुए भाजपा पर राज्य में माहौल बिगाड़ने का आरोप भी लगाया।
यूडीएफ सीपीआई(एम) की गलतियों से ले सबक: एके एंटनी
वरिष्ठ कांग्रेस नेता एके एंटनी ने यूडीएफ नेतृत्व से विनम्रता के साथ शासन करने और जनादेश का सम्मान करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यूडीएफ को सीपीआई के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार की गलतियों को नहीं दोहराना चाहिए। एंटनी ने कहा कि ‘जनता ही असली मालिक है’ और नई सरकार को लोकलुभावन फैसलों के बजाय राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने सीपीआई (एम) को आत्ममंथन करने की सलाह भी दी। मुख्यमंत्री पद के सवाल पर उन्होंने कहा कि तीनों संभावित चेहरे योग्य हैं और आलाकमान सभी से विचार-विमर्श के बाद उचित फैसला लेगा।