नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिकों के घायल होने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, यह हमला ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह ऑयल इंडस्ट्रियल जोन को निशाना बनाने के लिए किया था। इसमें मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था।
अमीराती अधिकारियों की माने तो हवाई सुरक्षा प्रणालियों ने आने वाले कई खतरों को बीच में ही रोक दिया, लेकिन मिसाइलों के मलबों के कारण कुछ जगहों पर नुकसान होने की भी खबरें मिली हैं। अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास ने इस हमले को लेकर कहा कि, वह प्रभावित लोगों की सहायता के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
भारतीय और UAE के विदेश मंत्रालय ने की कड़ी निंदा
भारतीय दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा, “फुजैराह में हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए हैं। हम प्रभावित भारतीय नागरिकों को उचित चिकित्सा देखभाल और सहायता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं।”
वहीं, कड़े शब्दों वाले बयान में दूतावास ने कहा, “यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है। हम मांग करते हैं कि ये शत्रुतापूर्ण गतिविधियां और नागरिक बुनियादी ढांचे और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना तुरंत बंद किया जाए।”
“भारत इस स्थिति से निपटने के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता रहेगा, ताकि पूरे पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल हो सके। हम अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर स्वतंत्र और बिना किसी रुकावट के आवागमन और व्यापार की भी मांग करते हैं। भारत मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए किए जाने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए तत्पर है।”
इसके साथ ही UAE के विदेश मंत्रालय ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें तनाव में एक गंभीर बढ़ोतरी बताया। मंत्रालय ने इन हमलों को विश्वासघाती करार दिया और कहा कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा पैदा करते हैं; मंत्रालय ने यह भी कहा कि UAE इन हमलों का जवाब देने का अपना पूर्ण और वैध अधिकार सुरक्षित रखता है। ये नए हमले खाड़ी क्षेत्र में क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियों के बीच टकराव के और अधिक बढ़ने का जोखिम भी बढ़ता हुआ प्रतीत हो रहा है।
इस बीच, ईरानी मीडिया ने बताया कि उनकी देश की नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अपने परिचालन क्षेत्र का विस्तार किया है, जिसमें फुजैराह और खोरफक्कन जैसे UAE के बंदरगाहों के करीब के क्षेत्र भी शामिल हैं।