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किसान के बेटे सर्वेश कुशारे ने रचा इतिहास, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को दिलाया हाई जंप का पहला रजत पदक

डेस्क। भारत के राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी हाई जंपर सर्वेश कुशारे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रचते हुए पुरुष हाई जंप स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। 31 वर्षीय सर्वेश ने 2.25 मीटर की सफल छलांग लगाकर भारत को इस. . .

डेस्क। भारत के राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी हाई जंपर सर्वेश कुशारे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रचते हुए पुरुष हाई जंप स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। 31 वर्षीय सर्वेश ने 2.25 मीटर की सफल छलांग लगाकर भारत को इस स्पर्धा में पहला रजत पदक दिलाया। इससे पहले 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में तेजस्विन शंकर ने कांस्य पदक जीतकर भारत का खाता खोला था।

काउंटबैक नियम से चूका स्वर्ण

सर्वेश कुशारे और जमैका के रोमेन बेकफोर्ड दोनों ने 2.25 मीटर की ऊंचाई सफलतापूर्वक पार की। हालांकि, 2.28 मीटर की ऊंचाई पर दोनों खिलाड़ी असफल रहे। इसके बाद काउंटबैक नियम के आधार पर फैसला हुआ, जिसमें बेकफोर्ड के कम असफल प्रयास होने के कारण उन्हें स्वर्ण पदक मिला, जबकि सर्वेश को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इंग्लैंड के जैक किमानी ने 2.20 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक जीता। भारत के आदर्श राम 2.15 मीटर की छलांग लगाकर पांचवें स्थान पर रहे।

संघर्षों से सफलता तक का सफर

महाराष्ट्र के नासिक जिले के देवगांव गांव के रहने वाले सर्वेश कुशारे का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उनके पिता प्याज की खेती करते हैं। आर्थिक संसाधनों की कमी के बावजूद उनके पिता और पहले कोच ने खेत में मकई के छिलकों, कपास और अन्य कृषि अवशेषों से अस्थायी लैंडिंग पिट तैयार की, ताकि सर्वेश नियमित रूप से हाई जंप का अभ्यास कर सकें। यही मेहनत आज उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐतिहासिक सफलता तक ले आई।

डायमंड लीग में शानदार प्रदर्शन से मिला आत्मविश्वास

सर्वेश पिछले कुछ महीनों से शानदार फॉर्म में हैं। इसी महीने उन्होंने मोनाको डायमंड लीग में 2.26 मीटर की छलांग लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया और डायमंड लीग में पोडियम तक पहुंचने वाले भारत के चौथे एथलीट बने। इससे पहले भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में 2.31 मीटर की छलांग लगाकर उन्होंने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था।

ओलंपिक और एशियाई खेलों पर नजर

अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के बाद सर्वेश ने कहा कि यह उनके करियर का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक है। उन्होंने कहा, “एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स ओलंपिक की तैयारी के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रतियोगिताएं हैं। मेरा लक्ष्य ओलंपिक में पदक जीतना और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करना है।” उन्होंने बताया कि हर ऊंचाई को पहले प्रयास में पार करने की उनकी कोशिश रही और यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा। साथ ही उन्होंने साथी एथलीट तेजस्विन शंकर का आभार जताते हुए कहा कि उनकी सलाह और सहयोग से उन्हें काफी मदद मिली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से सर्वेश कुशारे को बधाई देते हुए लिखा, “कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुष हाई जंप में रजत पदक जीतने पर सर्वेश कुशारे को हार्दिक शुभकामनाएं। उनका दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और शानदार प्रदर्शन पूरे देश के लिए गर्व की बात है। मैं उनके उज्ज्वल भविष्य और आने वाली प्रतियोगिताओं में और अधिक सफलता की कामना करता हूं।”

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