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कोयला खदान में महाविस्फोट : मौत का आंकड़ा बढ़कर पहुंचा 82 ! पाताल में मची चीख-पुकार; 9 मजदूर अब भी लापता

बीजिंग। उत्तरी चीन के शानक्सी प्रांत की लियुशेन्यु कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है, जबकि 9 लोग अब भी लापता हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घायलों के इलाज और. . .

बीजिंग। उत्तरी चीन के शानक्सी प्रांत की लियुशेन्यु कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है, जबकि 9 लोग अब भी लापता हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घायलों के इलाज और हादसे की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
चीन के उत्तरी हिस्से में स्थित एक कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट ने भारी तबाही मचा दी है। सरकारी मीडिया की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है, जबकि 9 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है तथा बचाव अभियान लगातार जारी है।
जानकारी के अनुसार, चीन के शानक्सी प्रांत की लियुशेन्यु कोयला खदान में हुए इस गैस विस्फोट ने खदान के अंदर काम कर रहे दर्जनों मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या कम बताई गई थी, लेकिन जैसे-जैसे बचाव दल अंदर पहुंचा, मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता गया।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिए सख्त निर्देश

ताजा जानकारी के अनुसार, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने घायलों के इलाज के लिए हर संभव प्रयास करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने दुर्घटना की गहन जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने की बात कही है। शी जिनपिंग ने कहा कि सभी क्षेत्रों और विभागों को इस हादसे से सबक लेना चाहिए तथा कार्यस्थलों पर सुरक्षा नियमों के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।उन्होंने बड़ी और विनाशकारी दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने का भी आह्वान किया।

कार्बन मोनोऑक्साइड बनी मौत की वजह

एक रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे से पहले खदान में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर निर्धारित सीमा से काफी ऊपर पहुंच गया था। यह गैस बेहद जहरीली और गंधहीन होती है, जिसके कारण मजदूरों को खतरे का अंदाजा नहीं लग पाता।प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि इसी गैस के बढ़ते स्तर के कारण विस्फोट हुआ।

कोयला उद्योग में सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

शानक्सी प्रांत को चीन की कोयला खनन राजधानी माना जाता है। हालांकि हाल के वर्षों में खदानों की सुरक्षा में सुधार हुआ है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कई क्षेत्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अब भी पर्याप्त नहीं है। ये हादसा एक बार फिर चीन के कोयला उद्योग में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। बचाव दल लापता मजदूरों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं।

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