नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 76वें जन्मदिन के अवसर पर पश्चिम बंगाल की महिलाओं को संबोधित करते हुए ‘अन्नपूर्णा योजना’ का जिक्र किया। इस मौके पर राज्यभर में ‘अन्नपूर्णा दिवस’ मनाया गया। वीडियो संदेश के जरिए प्रधानमंत्री ने योजना के लाभ, महिला सशक्तीकरण और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता को लेकर अपनी बात रखी।
‘अन्नपूर्णा योजना’ से बढ़ेगा महिलाओं का आत्मविश्वास
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रोजमर्रा या आकस्मिक घरेलू खर्च की चिंता कम होने से लोगों का आत्मविश्वास बढ़ता है। उनके मुताबिक, राज्य सरकार की ‘अन्नपूर्णा योजना’ बंगाल की महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने महिला कल्याण और सशक्तीकरण के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने की बात कही।
‘अब बंगाल में कटमनी नहीं चलता’
प्रधानमंत्री ने राज्य में शासन व्यवस्था में बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि नई सरकार बनने के कुछ ही दिनों के भीतर अन्नपूर्णा योजना शुरू की गई और अब आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। उन्होंने कहा, “बीच में कोई दलाली नहीं है, कोई कटमनी नहीं है। अब बंगाल में कटमनी नहीं चलता।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए प्रशासन को सक्रियता के साथ काम करना चाहिए।
महिला कल्याण की कई केंद्रीय योजनाओं का किया जिक्र
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने महिलाओं से जुड़ी विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का भी उल्लेख किया। इनमें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, सौभाग्य योजना, आयुष्मान भारत शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पहलों के माध्यम से केंद्र सरकार लगातार महिलाओं के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए काम कर रही है।
केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन पर उठाया सवाल
मोदी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में पिछले 12 वर्षों के दौरान केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन की गति धीमी रही। उन्होंने दावा किया कि नई सरकार के गठन के बाद रुके हुए कार्यों में तेजी आई है।
‘नया बंगाल’ बनाने का आह्वान
भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर नए बंगाल का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित बंगाल की क्षमता के आधार पर विकसित भारत के संकल्प को पूरा किया जाएगा।
चुनावी संदर्भ में ‘कटमनी’ का मुद्दा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री और भाजपा नेताओं द्वारा तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और स्थानीय प्रशासन में कथित अनियमितताओं को लेकर ‘कटमनी’ का मुद्दा उठाया जाता रहा था। इसी राजनीतिक संदर्भ में प्रधानमंत्री का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।