नामची। सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग (झोलुंगे) स्थित एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। अब तक 12 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से सात की पहचान हो चुकी है। पुलिस के अनुसार पांच मजदूर अभी भी लापता हैं और उनके लिए चौबीसों घंटे राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
हादसे की वजह बनी मीथेन गैस का विस्फोट
एनएचपीसी के अनुसार सुरंग के भीतर चट्टानों में फंसी संदिग्ध मीथेन गैस के अचानक विस्फोट से हादसा हुआ। विस्फोट के बाद घना धुआं और जहरीली गैसें फैल गईं, जिससे सुरंग के भीतर काम कर रहे मजदूर फंस गए।
पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड का बयान
सुरंग में सिविल निर्माण कार्य कर रही पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड (पीईएल) ने कहा कि उसकी परियोजना टीम एनडीआरएफ, आपदा राहत बलों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बचाव अभियान में जुटी है। कंपनी ने बताया कि सभी आवश्यक संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा साइट इंजीनियरिंग टीम बचाव दल को प्रभावित स्थान तक पहुंचाने में सहायता कर रही है। कंपनी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
मृतकों की पहचान के लिए विशेष व्यवस्था
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने नामची जिला प्रशासन को रंगपो में मृतकों की पहचान के लिए विशेष तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अन्य राज्यों से आए प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में रेस्क्यू की समीक्षा
राज्य के मुख्य सचिव रविंद्र तेलंग ने पुलिस महानिदेशक अक्षय सचदेवा की मौजूदगी में नामची में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, पश्चिम बंगाल प्रशासन, एनएचपीसी और पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में बचाव अभियान की प्रगति, श्रमिकों की पहचान और राहत कार्यों की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश
मुख्य सचिव रविंद्र तेलंग ने बचाव अभियान को सुरक्षित, निर्बाध और प्रभावी ढंग से जारी रखने पर जोर दिया। उन्होंने उपलब्ध ऑक्सीजन का विवेकपूर्ण उपयोग करने और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
देश की प्रमुख जलविद्युत परियोजना में हादसा
यह हादसा भारत की प्रमुख जलविद्युत विकास कंपनी एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 परियोजना में हुआ है। जिला प्रशासन के अनुसार कंपनी के उपस्थिति रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड के आधार पर सुरंग में मौजूद श्रमिकों की संख्या की पुष्टि की गई।
कई एजेंसियां जुटीं बचाव कार्य में
जिला परियोजना अधिकारी सूरज राई ने बताया कि बचाव अभियान लगातार जारी है। एनडीआरएफ, राज्य आपदा मोचन बल, जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, चिकित्सा दल और ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के विशेषज्ञ संयुक्त रूप से राहत कार्य में लगे हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल से विशेष माइनिंग रेस्क्यू टीम भी मौके पर पहुंचकर अभियान में सहयोग कर रही है।
हादसे की जांच के लिए बनेगी विशेष समिति
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने दुर्घटनास्थल का दौरा करने के बाद घोषणा की कि मीथेन गैस विस्फोट और सुरंग ढहने के कारणों की जांच के लिए विशेष समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।