महेशतला। महेशतला के आक्रा-संतोषपुर इलाके में शनिवार दोपहर एक भीषण आग लगने से पूरा झुग्गी क्षेत्र जलकर खाक हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कई परिवार उस समय खाना खा रहे थे या खाने बैठने ही वाले थे, लेकिन कुछ ही मिनटों में सब कुछ खत्म हो गया। लोग केवल अपनी जान बचाकर बाहर निकल पाए।
6 से 7 बच्चों के लापता होने की आशंका
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस हादसे में 6 से 7 बच्चों के लापता होने की आशंका है, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि कम से कम 4 से 5 बच्चों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। एक महिला ने बताया कि आग से घबराकर एक व्यक्ति पास के तालाब में कूद गया, लेकिन उसका भी अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
धुएं के कारण सांस लेना मुश्किल
घटना दोपहर करीब 1 बजकर 40 मिनट पर हुई। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और काले धुएं के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया। दमकल विभाग को सूचना दी गई, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल समय पर नहीं पहुंची। एक निवासी ने कहा कि दो दमकल इंजन आए थे, जिनमें से एक में ही पानी था जबकि दूसरा खाली था।
वोटर कार्ड और आधार कार्ड सब जल गए
हादसे में कई लोगों के जरूरी दस्तावेज भी जलकर नष्ट हो गए हैं। एक पीड़ित ने बताया, “29 तारीख को वोट है, लेकिन हमारे वोटर कार्ड और आधार कार्ड सब जल गए।” इस घटना के बाद लोगों में प्रशासन और नेताओं के खिलाफ गहरा गुस्सा देखने को मिल रहा है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “जब सुरक्षा ही नहीं दे सकते तो वोट मांगने न आएं—न मोदी, न दीदी।”
एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलसा
इसके अलावा, कुछ लोगों ने दावा किया कि पास के रेलवे ओवरहेड तार टूटकर गिर गए, जिससे एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग लापता बच्चों की तलाश और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
दमकलकर्मी आग से जूझ रहे हैं
चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने की कोशिशें शुरू कर दीं। दमकल अधिकारियों ने बताया कि झुग्गियों के सघन फैलाव के कारण यह काम काफी मुश्किल हो गया था। आपातकालीन टीमें आग को आस-पास के रिहायशी इलाकों में फैलने से रोकने के लिए लगातार काम करती रहीं।
इलाका घने धुएं से भर गया
स्थानीय लोगों ने बताया कि जैसे-जैसे आग तेज होती गई, दिखाई देना (विजिबिलिटी) काफी कम हो गया। कई निवासियों ने इलाका खाली कर दिया, जबकि कुछ अन्य लोग जलती हुई बस्ती से अपना सामान बचाने की कोशिश करते रहे। अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया कि जब तक धुआं छंट न जाए, तब तक वे घटनास्थल से दूर रहें।