नई दिल्ली। सूरत में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में चार मजदूरों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना गुजरात के सूरत शहर के अश्विनी कुमार इलाके में स्थित एक ज्वेलरी निर्माण इकाई में हुई, जहां मजदूर सेप्टिक टैंक की सफाई का काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, जिस टैंक की सफाई की जा रही थी, उसमें आभूषणों की सफाई प्रक्रिया से निकलने वाला कचरा और रासायनिक अवशेष जमा होते हैं। इस टैंक की सफाई और रखरखाव हर दो महीने में किया जाता है। रविवार सुबह एक सुपरवाइजर और तीन मजदूर टैंक के अंदर उतरे थे। टैंक में मौजूद जहरीली गैस के कारण सभी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़े।
सांस के जरिए शरीर में पहुंचती है
पुलिस के मुताबिक, टैंक में प्रवेश करने के कुछ ही समय बाद चारों लोग अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। आशंका है कि टैंक के अंदर ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैसों की ज्यादा मात्रा मौजूद थी। ऐसे बंद जगहों में आमतौर पर हाइड्रोजन सल्फाइड, मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य विषैली गैसें जमा हो सकती हैं। इनमें हाइड्रोजन सल्फाइड सबसे खतरनाक मानी जाती है, जो ज्यादा मात्रा में सांस के जरिए शरीर में पहुंचने पर कुछ ही मिनटों में व्यक्ति को बेहोश कर सकती है।