मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में गुरुवार तड़के ब्रह्मपुरा इलाके के प्रसिद्ध प्रसाद हॉस्पिटल में एक भयावह आग लग गई। सुबह करीब 4 बजे अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू वार्ड में अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी इमारत में घुटन भरा और जहरीला धुआं भर गया।
डीएम ने दिए जांच के आदेश
डीएम ने घटना की जांच का आदेश दिया है। पांच सदस्यीय कमेटी इसकी जांच करेगी। एडीएम आपदा के नेतृत्व में यह कमेटी बनी है। वहीं सभी मृतक के आश्रित को चार चार लाख मुआवजा देने की घोषणा
अब तक इन मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है
शशांक कुमार, औराई, मुजफ्फरपुर
गीता देवी, मोतीपुर, मुजफ्फरपुर
उदय कुमार, तरियानी, शिवहर
कृष्ण नंदन
चंचला कुमारी
मुआवजे का किया
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। बिहार सीएम ने एक्स पर लिखा, “मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से चार व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है। शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें। मृतकों के परिजनों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है तथा घायलों के उपचार हेतु सदर अस्पतालों में समुचित व्यवस्था की गई है।”
घटना की जानकारी मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आईसीयू वार्ड में आग लगी थी। यह वार्ड अस्पताल की पांचवे मंजिल पर है। मृतकों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल बना हुआ है। एसएसपी, डीएम समेत कई अधिकारी मौके पहुंचे। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में जानकारी ली और अस्पताल में मरीज के परिजनों से बात की।
मरीजों को लेकर भागे परिजन
परिजनों ने बताया कि अस्पताल में फायर कंट्रोल सिस्टम काम नहीं कर रहा है। आग की सूचना मिलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। मरीज और उनके परिजन जान बचाकर किसी तरह अस्पताल से बाहर निकले। हालांकि, आईसीयू वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए यह हादसा काफी भयावह साबित हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दम घुटने से कई मरीजों की मौत हो गई।
धुएं से भर गया आईसीयू वार्ड
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, आग की शुरुआत आईसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट से हुई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे आईसीयू में धुआं भर गया। आसपास के लोगों की सूचना पर फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। अग्निशमन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। कई मरीजों को पास के अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। घटनास्थल पर चारों तरफ चीख-पुकार और भय का माहौल था। मरीजों के परिजन अपनों के बारे में पता नहीं चलने पर बेहद परेशान थे।
प्रशासन ने शुरू की जांच
अग्नि शमन विभाग के अधिकारी राम निवास पांडेय ने बताया कि पूरी स्थिति का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “फिलहाल दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन मरने वालों की सही संख्या बताना अभी मुश्किल है। आग के कारण आईसीयू में दम घुटने से कई मरीजों की जान जा सकती है। हम कोशिश कर रहे हैं कि सभी विवरण जल्द से जल्द एकत्र किए जाएं।” अस्पताल प्रबंधन की ओर से कहा गया कि वे प्रशासन के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और दुर्घटना की जांच कराई जा रही है। इस घटना से पूरे शहर में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों में सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं होता है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं होती हैं।