डेस्क। बिग बॉस फेम और मशहूर हरियाणवी डांसर सपना चौधरी की शादीशुदा जिंदगी में भूचाल आ गया है। एक्ट्रेस ने अपने पति पर मारपीट का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं उन्होंने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया। वो अपने बच्चों के साथ घर छोड़ने के बाद शरीर पर जख्म और गंभीर चोटें लिए अदालत पहुंची। इस मामले को देखते हुई द्वारका महिला कोर्ट ने सख्त रुख लिया है। कोर्ट ने मंगलवार को घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम के तहत शुरू हुई कार्यवाही में अंतरिम सुरक्षा दी है। कोर्ट ने उनके पति को सुनवाई की अगली तारीख तक उनसे संपर्क करने या उनके पास जाने से रोक दिया है यानी सीधे तौर पर प्रतिबंध लगाया है कि वो सपना चौधरी के आस-पास भी न फटकें।
सपना चौधरी ने पति पर लगाए गंभीर आरोप
यह मामला तब सामने आया जब सपना महिला कोर्ट पहुंचीं और आरोप लगाया कि उनके पति ने कई बार उनके साथ मारपीट की और सार्वजनिक रूप से हंगामा किया। उन्होंने पहले कोर्ट को बताया था कि वह अपना घर छोड़कर चली गई हैं और उनके खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई है। PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट निधि सिंह दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थीं। सपना की ओर से वकील प्रीति सिंह अगुवा हैं। इस याचिका में उनकी फिल्म के जल्द होने वाले प्रीमियर और अपनी निजी सुरक्षा व प्रोफेशनल कामों में संभावित रुकावट की आशंका को देखते हुए अंतरिम राहत की मांग सपना चौधरी द्वारा की गई थी।
कोर्ट ने दिया सपना के पति को आदेश
PTI रिपोर्ट में आगे बताया गया कि कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, ‘प्रतिवादी यानी सपना चौधरी के पति को सुनवाई की अगली तारीख तक किसी भी तरह से याचिकाकर्ता (सपना चौधरी) के पास जाने से रोका जाता है। प्रतिवादी को सुनवाई की अगली तारीख तक याचिकाकर्ता से किसी भी तरह से संपर्क करने, उनके घर या काम की जगह पर जाने और घरेलू हिंसा का कोई भी काम करने से रोका जाता है।’ सपना चौधरी की वकील की ओर से दलील दी गई थी कि अगर इस मामले में तुरंत कार्रवाई नहीं की जाती तो उन्हें भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा था ऐसा न करने से उनकी गरिया और सुरक्षा दोनों प्रभावित होंगी। इससे उनके प्रोफेशनल कामों भी रुकावट पैदा हो सकती है।
सपना ने कोर्ट में पेश किए सबूत
याचिका, हलफनामे और रिकॉर्ड में रखे गए सबूतों, जिनमें कथित चोटों की तस्वीरें और इलेक्ट्रॉनिक सबूत शामिल हैं पर विचार करने के बाद कोर्ट ने शुरुआती चरण में समन जारी करने और अंतरिम राहत देने के लिए पर्याप्त आधार पाया। इसी के आधार पर फैसला सुनाते हुए पति पर प्रतिबंध लगाए गए। कोर्ट ने प्रोटेक्शन ऑफिसर और संबंधित लोकल स्टेशन हाउस ऑफिसर को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि उसके निर्देशों का पालन हो और याचिकाकर्ता को जरूरी मदद दी जाए।
सपना को कोर्ट से मिली राहत
एक रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट निधि सिंह, सपना चौधरी की वकील प्रीति सिंह के ज़रिए दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थीं। इस याचिका में अपनी सुरक्षा और प्रोफेशनल कामों में संभावित रुकावट को देखते हुए, सपना ने अपनी अपकमिंग फिल्म के प्रीमियर में शामिल होने के लिए इंटरिम प्रोटेक्शन की मांग की थी। सपना चौधरी के वकील की दलीलों के मुताबिक, अगर तुरंत राहत नहीं दी गई तो उन्हें कभी न ठीक होने वाला नुकसान हो सकता है, उनकी गरिमा और सुरक्षा पर बुरा असर पड़ सकता है, और फिल्म के प्रीमियर में शामिल होने समेत उनके प्रोफेशनल कामों में रुकावट आ सकती है।
इसके बाद कोर्ट ने याचिका, हलफनामे और चोटों की तस्वीरें और इलेक्ट्रॉनिक सबूत समेत पेश किए गए दस्तावेजों पर विचार करने के बाद सपना को राहत देते हुए इंटरिम प्रोटेक्शन का आदेश जारी किया। पीटीआई रिपोर्ट के मुताबित अदालत ने अपने आदेश में कहा, “प्रतिवादी ( सपना चौधरी के पति) को सुनवाई की अगली तारीख तक याचिकाकर्ता के पास किसी भी तरह से जाने से रोक दिया गया है।” कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तारीख तय की है।
कब हुई थी शादी?
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तारीख तय की। जानकारी के लिए बता दें कि सपना चौधरी और वीर साहू ने 2020 में कोर्ट मैरिज की थी। चार साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद इस जोड़े ने शादी करने का फैसला किया। सपना और वीर दो बेटों के माता-पिता हैं। बड़े बेटे पोरस का जन्म 2020 में हुआ था, जबकि सपना ने 2024 में अपने दूसरे बेटे शाहबीर को जन्म दिया।
प्रोफेशनल तौर पर सपना चौधरी ‘बिग बॉस 11’ और ‘द 50’ जैसे मशहूर रियलिटी शो में नजर आ चुकी हैं।