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‘ट्रंप के हस्ताक्षर की कोई अहमियत नहीं’: अमेरिका पर भड़के मोजतबा खामेनेई, दी सख्त चेतावनी

तेहरान । ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसने हाल ही में हुए शांति समझौते (MoU) का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित. . .

तेहरान । ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसने हाल ही में हुए शांति समझौते (MoU) का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर विश्वसनीय नहीं हैं और उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, देश के नाम जारी संदेश में खामेनेई ने कहा कि अमेरिका ने समझौते को तोड़कर अपना वास्तविक चेहरा दुनिया के सामने उजागर कर दिया है। उन्होंने इसे अमेरिका के झूठे, अविश्वसनीय और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का एक और उदाहरण बताया।

‘समझौता तोड़कर अमेरिका ने खोया भरोसा’

खामेनेई ने कहा कि शांति समझौते का उल्लंघन यह दिखाता है कि अमेरिका अपने वादों का सम्मान नहीं करता। उनके अनुसार, इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की विश्वसनीयता को और कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समझौते के बावजूद अमेरिका का रवैया टकराव बढ़ाने वाला रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव फिर से गहरा गया है।

ईरान की दो टूक चेतावनी

ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह युद्ध भड़काने या सैन्य कार्रवाई की कोशिशें जारी रखता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।खामेनेई ने कहा कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे, तो ईरान और उसका ‘प्रतिरोध मोर्चा’ (रेसिस्टेंस फ्रंट) ऐसा जवाब देगा जिसे अमेरिका लंबे समय तक याद रखेगा।

शांति समझौते के बावजूद बढ़ा तनाव

दोनों देशों के बीच यह तनाव ऐसे समय बढ़ा है, जब हाल ही में हुए शांति समझौते के तहत 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर बातचीत करने की सहमति बनी थी। बताया गया कि 18 जून को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया, जिससे हालात फिर तनावपूर्ण हो गए।

ईरान ने समझौते से पीछे हटने का किया ऐलान

ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी (IRIB) को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान ने इस समझौते के तहत अपनी सभी जिम्मेदारियों का पालन रोक दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने समझौते से जुड़े अपने सभी वादों को तोड़ दिया या उन्हें निलंबित कर दिया है। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में ईरान के लिए समझौते का पालन जारी रखने का कोई औचित्य नहीं बचता।

‘अब बातचीत नहीं, सुरक्षा हमारी प्राथमिकता’

काजेम गरीबाबादी ने स्पष्ट कहा कि मौजूदा हालात में अमेरिका के साथ आगे बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान का पूरा ध्यान अब अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा तैयारियों पर केंद्रित है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी हमलों का ईरान पहले ही जवाब दे चुका है और अब अमेरिका को टकराव की बजाय समझदारी का रास्ता अपनाना चाहिए।

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