डेस्क। कल्पना कीजिए एक ऐसी दुनिया की, जहां घड़ी रात के 12 बजाए लेकिन आसमान में सूरज चमक रहा हो। जहां अंधेरा सिर्फ कहानी बनकर रह जाए और दिन जैसे उजाले में ही रात बीत जाए। सुनने में यह किसी फिल्मी सीन जैसा लगता है, लेकिन धरती पर एक जगह ऐसी है जहां यह नजारा बिल्कुल हकीकत है।
अमेरिका के अलास्का राज्य में बसा छोटा सा शहर उत्कियागविक अपनी इसी खासियत की वजह से जाना जाता है। यहां साल का एक ऐसा समय आता है जब सूरज कई हफ्तों तक डूबता ही नहीं। यानी आधी रात में भी रोशनी वैसी ही रहती है जैसी शाम के समय होती है। इस अद्भुत घटना को “मिडनाइट सन” कहा जाता है। स्थानीय लोगों के लिए यह आम बात है, लेकिन पहली बार आने वाले सैलानियों के लिए यह अनुभव किसी जादू से कम नहीं होता।
क्यों नहीं डूबता सूरज?
दरअसल, इस अनोखे नजारे के पीछे पृथ्वी की बनावट का बड़ा रोल है। धरती अपनी धुरी पर हल्की झुकी हुई है, जिसकी वजह से साल के कुछ महीनों में आर्कटिक क्षेत्र सूरज की ओर ज्यादा झुक जाता है। इसी कारण वहां लगातार कई दिनों तक सूरज दिखाई देता रहता है और रात का अस्तित्व जैसे खत्म हो जाता है। हालांकि कहानी का दूसरा पहलू भी उतना ही दिलचस्प है। जब सर्दियां आती हैं, तो यहां कई हफ्तों तक सूरज उगता ही नहीं और पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहता है। यानी जहां गर्मियों में रात नहीं होती, वहीं सर्दियों में दिन गायब हो जाता है।
लोगों के जीवन पर भी पड़ता है असर
लगातार उजाले का असर यहां के लोगों की जिंदगी पर भी पड़ता है। शुरुआत में उन्हें नींद आने में परेशानी होती है, क्योंकि शरीर को अंधेरे की आदत होती है। इससे निपटने के लिए लोग अपने घरों में मोटे पर्दे लगाते हैं या स्लीप मास्क का सहारा लेते हैं। धीरे-धीरे वे इस अलग तरह की दिनचर्या के साथ खुद को ढाल लेते हैं।
पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र
यह अनोखी प्राकृतिक घटना हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है। लोग खास तौर पर आधी रात के सूरज को देखने यहां पहुंचते हैं और देर रात तक घूमना, ट्रैकिंग और फोटोग्राफी का लुत्फ उठाते हैं। यही वजह है कि यह जगह धरती के सबसे अनोखे और रहस्यमयी अनुभवों में गिनी जाती है, जहां समय और रोशनी के मायने ही बदल जाते हैं।