नई दिल्ली: 1951 में दिल्ली से शुरू हुआ एशियन गेम्स का सफर अब अपने 75वें वर्ष में जापान के आइची-नागोया तक पहुंच गया है। एशियन गेम्स 2026 की कई स्पर्धाओं का आगाज गुरुवार से हो चुका है, लेकिन आधिकारिक शुरुआत शनिवार को भव्य उद्घाटन समारोह के साथ होगी। अगले 16 दिनों तक 45 देशों के 11 हजार से अधिक एथलीट 43 खेलों में पदकों के लिए मुकाबला करेंगे। भारत इस बार 501 एथलीटों के बड़े दल के साथ 36 खेलों में चुनौती पेश कर रहा है। भारतीय दल में 269 पुरुष और 234 महिला एथलीट शामिल हैं। यानी कुल दल में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 47 फीसदी है। भारत की नजर अपने पिछले प्रदर्शन को बेहतर करने के साथ पदक तालिका में शीर्ष तीन में जगह बनाने पर होगी।
64 साल बाद टॉप-3 में वापसी की चुनौती
भारत करीब 64 वर्षों से एशियन गेम्स की पदक तालिका में शीर्ष तीन में जगह नहीं बना सका है। 2023 में हांगझोउ एशियाड में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीते थे, जिनमें 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य पदक शामिल थे। भारत उस संस्करण में चौथे स्थान पर रहा था। इस बार भारतीय दल उस प्रदर्शन को और बेहतर करने की कोशिश करेगा। चीन 1982 से लगातार पदक तालिका में शीर्ष पर रहा है। हांगझोउ 2023 में जापान दूसरे और दक्षिण कोरिया तीसरे स्थान पर रहे थे। भारत के लिए शीर्ष तीन में पहुंचने की दौड़ में स्वर्ण पदकों की संख्या महत्वपूर्ण होगी।
ओलंपिक क्वालिफिकेशन पर भी नजर
एशियन गेम्स 2026 भारत के लिए सिर्फ पदकों तक सीमित नहीं हैं। तीरंदाजी, हॉकी, सेलिंग, स्क्वैश, सर्फिंग, टेनिस और ट्रायथलॉन में होने वाली प्रतियोगिताएं लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के क्वालिफिकेशन से भी जुड़ी हैं। इन खेलों में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों को ओलंपिक कोटा हासिल करने का मौका मिल सकता है।
दो पीढ़ियों के खिलाड़ियों पर दारोमदार
भारतीय दल में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ नई पीढ़ी के कई चेहरे भी शामिल हैं। अनुभवी खिलाड़ियों में पीवी सिंधु, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, तजिंदरपाल सिंह तूर, ज्योति सुरेखा वेन्नम और मनु भाकर जैसे नाम प्रमुख हैं। वहीं नई पीढ़ी में साक्षी चौधरी, सुजीत कलकल, अनाहत सिंह, प्रीतिका प्रदीप, वैभव सूर्यवंशी, सुरुचि फोगाट, आयुष शेट्टी और रोहित यादव जैसे खिलाड़ी भारतीय चुनौती को आगे बढ़ाएंगे।
पहली बार कई नए खेलों का रोमांच
इस बार एशियन गेम्स में कई नए खेल भी आकर्षण का केंद्र होंगे। पहली बार एमएमए फाइटिंग, पैडल सर्किंग, वर्चुअल ताइक्वांडो और टेकबॉल को शामिल किया गया है। इसके अलावा ब्रेकिंग और ई-स्पोर्ट्स भी दर्शकों के बीच खास दिलचस्पी पैदा करेंगे। इस संस्करण में चेस शामिल नहीं है।
सिर्फ नागोया तक सीमित नहीं मुकाबले
भले ही एशियन गेम्स 2026 का मुख्य आयोजन जापान के आइची प्रांत के नागोया में हो रहा है, लेकिन प्रतियोगिताएं सिर्फ इसी शहर तक सीमित नहीं हैं। टोक्यो, ओसाका समेत जापान के कई अन्य शहर भी विभिन्न स्पर्धाओं की मेजबानी कर रहे हैं।
एशियन गेम्स 2026: प्रमुख आंकड़े
- आयोजन: 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026
- देश: 45
- एथलीट: 11,000 से अधिक
- खेल: 43
- डिसिप्लिन: 71
- मेडल इवेंट: 469
- कुल पदक: 1,407
- भारतीय दल: 501 एथलीट
- भारत की स्पर्धाएं: 36 खेल
- महिला भारतीय एथलीट: 234
- वॉलंटियर: करीब 10,200
- जापान की मेजबानी: तीसरी बार
1958 में टोक्यो और 1994 में हिरोशिमा के बाद जापान तीसरी बार एशियन गेम्स की मेजबानी कर रहा है। अब भारतीय दल के सामने रिकॉर्ड 107 पदकों के प्रदर्शन को आगे ले जाने और लंबे अंतराल के बाद पदक तालिका के शीर्ष तीन में जगह बनाने की चुनौती है।