डेस्क। धर्मशाला में पंजाब किंग्स ने 211 रनों का बचाव करते हुए 18 अतिरिक्त रन लुटाए और अक्षर पटेल का अहम कैच छोड़ा। खराब गेंदबाजी और फील्डिंग के कारण श्रेयस अय्यर की टीम को लगातार चौथी हार मिली, जिससे उनकी प्लेऑफ की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं।
पंजाब किंग्स को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली हार
धर्मशाला की हसीन वादियों और ठंडी हवाओं के बीच सोमवार को पंजाब किंग्स की किस्मत का सूरज ढलता नजर आया। एचपीसीए स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली हार ने पंजाब के गेंदबाजी आक्रमण की उन कमजोरियों को उजागर कर दिया है, जो इस पूरे सीजन उनकी सबसे बड़ी दुश्मन रही हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर की टीम ने न केवल रन लुटाए, बल्कि दबाव के क्षणों में अनुशासनहीनता का ऐसा प्रदर्शन किया कि दिल्ली ने धर्मशाला के इतिहास का सबसे बड़ा लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।
खराब फील्डिंग ने किया काम खराब
आईपीएल 2026 में लगातार चौथी हार झेलने के बाद पंजाब किंग्स के लिए प्लेऑफ की राह अब नामुमकिन सी नजर आने लगी है। 210 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद भी पंजाब के गेंदबाज उसे बचाने में नाकाम रहे। पंजाब की सबसे बड़ी समस्या उनकी दिशाहीन गेंदबाजी रही, उन्होंने कुल 18 अतिरिक्त रन (17 वाइड और 1 नो-बॉल) दिए, जो दर्शाता है कि टीम के पास कोई ठोस प्लानिंग नहीं थी। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी मैच के बाद बिना किसी लाग-लपेट के स्वीकार किया कि उनकी हार की मुख्य वजह खराब गेंदबाजी और लचर फील्डिंग रही।
शुरुआती सफलता को भुनाने में नाकाम रहे गेंदबाज
लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली को पंजाब ने शुरुआती झटके देकर 33 रनों पर 3 विकेट गिरा दिए थे। फ्लडलाइट्स के नीचे गेंद सीम और स्विंग हो रही थी, जिसका फायदा उठाकर तेज गेंदबाजों ने दिल्ली को बैकफुट पर धकेल दिया था। लेकिन जैसे ही गेंद पुरानी और नरम हुई, पंजाब की गेंदबाजी पूरी तरह बिखर गई। ट्रिस्टन स्टब्स के रन आउट होने के बाद जब स्कोर 74/4 था, तब पंजाब के पास मैच पर शिकंजा कसने का सुनहरा मौका था, जिसे अर्शदीप सिंह ने अक्षर पटेल का आसान कैच छोड़कर गंवा दिया।
अक्षर और मिलर ने किया पलटवार
जिस अक्षर पटेल ने इस मैच से पहले पूरे सीजन में मात्र 44 रन बनाए थे, पंजाब की ढीली गेंदबाजी ने उन्हें लय में आने का पूरा मौका दिया। अक्षर ने सीजन का अपना पहला अर्धशतक जड़ा और दिल्ली की जीत की नींव रखी। उनके जाने के बाद डेविड मिलर ने मोर्चा संभाला और मार्को जानसेन के एक ही ओवर में 15 रन बटोरकर मैच का रुख पूरी तरह दिल्ली की ओर मोड़ दिया। मिलर ने मात्र 28 गेंदों में 51 रनों की आतिशी पारी खेलकर पंजाब की डेथ बॉलिंग की बखिया उधेड़ दी।