डेस्क। सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच आईपीएल (IPL 2026) के मैच से पहले सारी चर्चा वैभव सूर्यवंशी को लेकर थी और इस बात पर कि कैसे यह 15 साल का लड़का हैदराबाद के बॉलिंग अटैक को तहस-नहस कर देगा। हालांकि, विदर्भ के एक तेज गेंदबाज प्रफुल हिंगे ने आईपीएल डेब्यू पर कुछ ऐसा कर दिखाया, जो जसप्रीत बुमराह और जोश हेजलवुड जैसे दिग्गज भी नहीं कर पाए थे। इस 24 साल के तेज गेंदबाज ने सूर्यवंशी को ‘गोल्डन डक’ पर आउट कर दिया, जिससे राजस्थान का ओपनर पूरी तरह से हैरान रह गया। इस लंबे कद के तेज गेंदबाज ने एक तेज बाउंसर फेंकी, जिसकी गति का अंदाजा युवा बल्लेबाज़ नहीं लगा पाया और गेंद सूर्यवंशी के बल्ले का ऊपरी किनारा लेते हुए विकेटकीपर सलिल अरोड़ा के सुरक्षित हाथों में पहुंच गई।
‘मैंने कहीं लिखा था कि डेब्यू पर पक्का चार या पांच विकेट लूंगा’
प्लेयर ऑफ द मैच जीतने के बाद प्रफुल हिंगे से जब सवाल किया गया कि क्या आपने ऐसे डेब्यू के बारे में सोचा था? इस पर उन्होंने कहा कि हां, मैंने इसके बारे में सोचा था। पिछले साल ही मैंने कहीं लिखा था कि जब भी मैं अपना पहला मैच खेलूंगा, तो मैं पक्का चार या पांच विकेट लूंगा। मैं पावरप्ले में जितना हो सके, उतना हावी होना चाहता था। मुझे दूसरों के बारे में नहीं पता, लेकिन मै मैनिफेस्टेशन की ताकत पर यकीन करता हूं।
वहीं, उन्होंने अपनी क्रिकेट यात्रा के बारे में कहा कि मैंने 13 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। उस समय मुझे यह भी नहीं पता था कि लेदर-बॉल क्रिकेट क्या होता है? जब मैं 13 साल का था तो मैंने अपने पिता से कहा कि मैं किसी क्लब में शामिल होना चाहता हूं। उन्होंने दो-तीन बार मना कर दिया, यह कहते हुए कि मैं अभी बहुत छोटा हूं। लेकिन, किसी तरह वहीं से सब कुछ शुरू हो गया। उसके बाद मैं बस खेलता रहा। आज इस मुकाम पर खड़े होकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं यह अवॉर्ड अपने परिवार को समर्पित करना चाहता हूं। उन्होंने मेरे लिए बहुत कुर्बानियां दी हैं।
‘मैं इसको पहली ही गेंद पर आउट कर दूंगा’
आपका सबसे अच्छा विकेट इस सवाल पर प्रफुल के जवाब ने सबको चौंका दिया। उन्होंने कहा कि सबसे अच्छा विकेट सूर्यवंशी का पहला विकेट था, क्योंकि वह बहुत अच्छी फॉर्म में थे। मैंने पहले ही कुछ लोगों से कह दिया था कि मैं इसको पहली ही गेंद पर आउट कर दूंगा, चाहे बाउंसर से या किसी और तरीके से। मैं बस पहली गेंद पर उनका विकेट लेना चाहता था। यही मेरा प्लान था। साथ ही हमारे बॉलिंग कोच वरुण भाई ने भी मेरी बहुत मदद की। और मैं उन सभी का शुक्रगुज़ार हूं, जिन्होंने मेरा साथ दिया।
अपनी पिछली इंजरी को लेकर उन्होंने कहा कि अब सब ठीक है। मैं एमआरएफ का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने मेरा बहुत अच्छे से ख्याल रखा। जब मैं वहां था, तो फिजियो नवीन सर ने मेरा बहुत अच्छे से ध्यान रखा। आज मैं जिस मुकाम पर पहुंचा हूं, उसके लिए मैं उनका भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।
हर खिलाड़ी ऐसे ही डेब्यू की उम्मीद करता है- साकिब
वहीं, मैच के बाद साकिब हुसैन ने कहा कि हर खिलाड़ी ऐसे ही डेब्यू की उम्मीद करता है, इसलिए यह सच में बहुत अच्छा लग रहा है। मैं बहुत खुश हूं। उन्हें कब पता चला कि वे खेलने वाले हैं? इस पर उन्होंने बताया कि बॉलिंग कोच वरुण भाई ने मुझे मैच से एक दिन पहले बताया था कि मैं खेलने वाला हूं। तब से मेरा पूरा ध्यान सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करने पर था। मानसिक रूप से मैंने खुद को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार किया।
वरुण एरॉन ने कैसे मदद की? उन्होंने बताया कि वरुण भाई पिछले चार मैचों से मेरे साथ काम कर रहे हैं। मेरी बॉलिंग में आपको जो भी सुधार दिख रहा है, वह उन्हीं की वजह से है। मैं इसका पूरा श्रेय उन्हें देता हूं। डेब्यू पर विकेट लेना यह बहुत शानदार लगा। अपने डेब्यू मैच में ऐसा प्रदर्शन करना बहुत खास है।