भोपाल। ट्विशा डेथ केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने जांच तेज कर दी है। फिलहाल सीबीआई की टीम ट्विशा की सास गिरिबाला के घर मौजूद है। कहा जा रहा है कि उनकी गिरफ्तारी किसी भी वक्त हो सकती है। एमपी हाई कोर्ट ने गिरिबाला की अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। बता दें कि, केस ट्रांस्फर किए जाने के बाद सीबीआई ने नई एफआईआर दर्ज की थी जिसमें मृतका की सास और पति को आरोपी बनाया गया है। ट्विशा के पति समर्थ सिंह की भी दो दिनों से लगातार पूछताछ हो रही है। वह 29 मई तक सीबीआई की कस्टडी में है।
मामला पिछले कई दिनों से मीडिया की सुर्खियों में छाया हुआ है

त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला पिछले कई दिनों से मीडिया की सुर्खियों में छाया हुआ है। हर दिन मामले से जुड़े नए-नए अपडेट सामने आ रहे हैं। वहीं, बीते दिन मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने त्विषा की सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने यह भी माना कि सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ भी स्पष्ट आरोप सामने आए हैं। यहां आपको विस्तार से बता रहे हैं कि वो कौन-कौन से ठोस आधार थे, जिसको देखते हुए कोर्ट ने यह फैसला लिया है।
- शरीर पर छह जख्म, चोट के निशान फंदे से उतारते वक्त नहीं लगे
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मृतका की मौत फांसी लगाने के कारण हुई। हालांकि, पोस्टमार्टम से यह भी स्पष्ट हुआ है कि मृतका के शरीर पर छह अन्य चोटों के निशान पाए गए। इनमें से चार चोटें बाएं हाथ पर, एक चोट रिंग फिंगर (अनामिका उंगली) पर और एक चोट सिर पर थी। ये सभी चोटें मृत्यु से पहले की यानी एंटेमॉर्टम थीं। क्वेरी रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ये चोटें शव को फंदे से उतारने या अस्पताल ले जाने के दौरान नहीं लगी थीं।
- गवाहों के बयानात इशारा करते हैं कि त्विषा पर गर्भ गिराने का दबाव था
यह भी स्वीकार किया गया तथ्य है कि मृतका गर्भवती हुई थी और दो माह के भीतर उसका गर्भपात करा दिया गया। शिकायतकर्ता पक्ष ने आरोप लगाया है कि गर्भपात के लिए प्रतिवादी पक्ष जिम्मेदार था, जबकि प्रतिवादी पक्ष का कहना है कि मृतका स्वयं गर्भपात कराने की इच्छुक थी। रिकॉर्ड पर मौजूद रेखारानी शर्मा, मीनाक्षी शर्मा, नवनिधि शर्मा, हर्षित शर्मा और राशि अबरोल के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि 13 मई को दिए गए प्रारंभिक बयानों में ही उन्होंने कहा था कि प्रतिवादी और उसका पुत्र मृतका को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे तथा उस पर गर्भपात कराने का दबाव बना रहे थे।