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अजब-गजब: कंपनी ने कर्मचारी का बना लिया AI Clone, नौकरी छोड़ दी, फिर भी काम करता रहा काम, डिजिटल अवतार संभाल रहा ऑफिस की जिम्मेदारियां

नई दिल्ली। उत्तरी चीन के शेडोंग प्रांत की एक गेमिंग कंपनी ने तकनीक की दुनिया में एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस कंपनी. . .

नई दिल्ली। उत्तरी चीन के शेडोंग प्रांत की एक गेमिंग कंपनी ने तकनीक की दुनिया में एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस कंपनी ने अपने एक पूर्व कर्मचारी का ‘डिजिटल वर्कर’ यानी AI क्लोन तैयार किया है। यह कर्मचारी अब कंपनी का हिस्सा नहीं है, लेकिन उसका यह डिजिटल रूप अब भी अपनी पुरानी सीट पर ‘काम’ कर रहा है। कंपनी ने इस सिस्टम को प्रशिक्षित करने के लिए उस कर्मचारी के कार्यकाल के दौरान के डेटा और काम करने के तरीकों का इस्तेमाल किया है।

क्या-क्या काम करता है यह ‘डिजिटल इंसान’?

इस AI अवतार को मुख्य रूप से एचआर (HR) विभाग की नियमित जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह दफ्तर के अन्य कर्मचारियों के सवालों के जवाब देता है, मीटिंग्स और शेड्यूल मैनेज करता है और प्रेजेंटेशन व स्प्रेडशीट जैसे जरूरी ऑफिस दस्तावेज भी तैयार कर लेता है। दिलचस्प बात यह है कि यह डिजिटल अवतार अपना परिचय देते हुए स्पष्ट रूप से बताता है कि वह एक पूर्व कर्मचारी के कार्य रिकॉर्ड पर आधारित है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि यह अभी ‘टेस्टिंग फेज’ में है और धीरे-धीरे इसमें और सुधार किए जा रहे हैं।

कर्मचारी से ली गई थी सहमति

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल निजता का था। कंपनी का दावा है कि संबंधित कर्मचारी ने इस्तीफा देने से पहले अपना डेटा इस्तेमाल करने की बकायदा सहमति दी थी। इस AI मॉडल को उन सभी ईमेल, संचार के रिकॉर्ड और कार्य प्रणालियों पर प्रशिक्षित किया गया है जिन्हें उस कर्मचारी ने अपने कार्यकाल के दौरान संभाला था। कंपनी यहीं नहीं रुकना चाहती; उनका लक्ष्य भविष्य में ‘ह्यूमनॉइड रोबोट’ (इंसान जैसे दिखने वाले रोबोट) तैनात करना है जो फ्रंट-डेस्क और प्रशासन जैसे काम संभाल सकें।

कानूनी पचड़ों में फंस सकती है कंपनी

भले ही कंपनी इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही हो, लेकिन कानूनी विशेषज्ञों ने इसे लेकर चेतावनी दी है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी कर्मचारी के ईमेल, चैट लॉग और उसके व्यवहार का तरीका उसकी निजी और संवेदनशील जानकारी के अंतर्गत आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही कर्मचारी ने सहमति दी हो, लेकिन कंपनियों को बहुत पारदर्शी होना पड़ता है। यदि बिना स्पष्ट जानकारी और सहमति के किसी के काम या व्यवहार का उपयोग AI ट्रेनिंग के लिए किया जाता है, तो यह डेटा सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन है, जिसके लिए जेल और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

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