लखनऊ। देश में दो तरह का मौसम देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज-अयोध्या समेत 30 जिलों में बुधवार को आंधी-तूफान के कारण 94 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 17 मौतें प्रयागराज और 16 मौतें भदोही में हुईं।
यहां 80 KMPH की रफ्तार से आंधी चली, बरेली में एक युवक टीनशेड समेत हवा में उड़ गया। राज्य के बांदा शहर में तापमान 45.4°C रहा। आज 51 जिलों में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट है।
प्रयागराज, भदोही, कानपुर देहात और फतेहपुर समेत कई जिलों में ज्यादा नुकसान की खबरें आ रही हैं। इस बीच, सीएम योगी आदित्यनाथ ने हालात को गंभीरता से लेते हुए अफसरों को तत्काल राहत और बचाव कार्य को तेज करने के निर्देश दे दिए हैं।
पीड़ितों की अनदेखी नहीं होगी बर्दाश्त- सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पीड़ितों की अनदेखी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलों के DM को जमीन पर उतरकर आंधी-पानी की आपदा से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने और हर मुमकिन मदद उपलब्ध कराने का आदेश दिया। सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि जनहानि, पशुहानि और माली नुकसान का तुरंत आकलन हो और 24 घंटे के भीतर उसका मुआवजा पीड़ित को दे दिया जाए।
अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश
सीएम योगी की तरफ से निर्देश मिलने के बाद राहत आयुक्त कार्यालय सभी जिलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। वहीं, प्रशासन के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश हैं। साथ ही, सीनियर अधिकारियों को मौके पर जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी करने के लिए कहा गया है।
आंधी-पानी की वजह से मकानों और फसलों को नुकसान
योगी सरकार की तरफ से प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद देने के लिए प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया गया है। अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी पीड़ित परिवार को राहत मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए। वहीं, आकाशीय बिजली गिरने और तेज आंधी की वजह से कई क्षेत्रों में मकानों, फसलों और पेड़ों को भी नुकसान हुआ है।
हालात के मद्देनजर प्रशासन को सावधान रहने और लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने के लिए कहा गया है। सरकार की तरफ से दावा किया जा रहा है कि रेस्क्यू और पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है ताकि प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद जल्द से जल्द पहुंचाई जा सके।