कोलकाता । पश्चिम बंगाल के कोलकाता में नबन्ना के निकट आयोजित एक विशेष समारोह में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) 2025 में सफलता हासिल करने वाले 100 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र, उनके अभिभावक और गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह का उद्देश्य छात्रों की मेहनत और उपलब्धियों को सम्मान देना तथा अन्य युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना था।
मेधावी छात्रों की मेहनत को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने सभी सफल छात्रों को बधाई देते हुए उनकी लगन, मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि NEET जैसी चुनौतीपूर्ण परीक्षा में सफलता हासिल करना आसान नहीं होता और यह उपलब्धि छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा, “ये सभी छात्र अपने परिवार के साथ-साथ पूरे राज्य का गौरव हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में इनका भविष्य उज्ज्वल है और मुझे विश्वास है कि ये समाज की बेहतर सेवा करेंगे।”
अभिभावकों के लिए भी रहा गर्व का पल
सम्मान समारोह में छात्रों के साथ उनके अभिभावक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। अपने बच्चों को मंच पर सम्मानित होते देखकर अभिभावकों ने खुशी और गर्व व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में उत्साह और प्रेरणा का माहौल देखने को मिला।
छात्रों को दिया प्रेरणादायक संदेश
अपने संबोधन में सुवेंदु अधिकारी ने छात्रों से केवल एक सफल डॉक्टर बनने का ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और मानवीय चिकित्सक बनने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे पवित्र माध्यम है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे गरीब, जरूरतमंद और वंचित लोगों की सेवा को अपनी प्राथमिकता बनाएं और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
शिक्षा और युवाओं के अवसरों पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता, उच्च शिक्षा के अवसरों और युवाओं के भविष्य को लेकर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे सम्मान समारोह लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि युवाओं का मनोबल बढ़े और वे अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित हों।
युवाओं के लिए प्रेरणा बना आयोजन
यह सम्मान समारोह केवल 100 सफल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि राज्य के हजारों विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी कठिन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। छात्रों और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।