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‘TMC को सुप्रीम कोर्ट का ‘सुप्रीम’ झटका, कमल खिलने वाला है तो वो ‘DDD’ मोड में है’, बोले शहजाद पूनावाला, बताया क्या है इसके मायने

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों से ठीक पहले ममता बनर्जी ने मतगणना को लेकर चुनाव आयोग के आदेश को ही चुनौती दी डाली, मगर दो दिन पहले ही अदालत के फरमान ने टीएमसी का ‘गेम प्लान’ बिगाड़ दिया।. . .

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों से ठीक पहले ममता बनर्जी ने मतगणना को लेकर चुनाव आयोग के आदेश को ही चुनौती दी डाली, मगर दो दिन पहले ही अदालत के फरमान ने टीएमसी का ‘गेम प्लान’ बिगाड़ दिया। सुप्रीम कोर्ट ने मतगणना प्रक्रिया से जुड़े चुनाव आयोग के फैसले में दखल देने से साफ इनकार कर दिया है। अब इस पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि टीएमसी ने जबसे एग्जिट पोल देखा है तभी से दहशत में आ गई है। उन्हें दिख रहा है कि अब बंगाल में कमल खिलने वाला है।

SC ने हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा

शहजाद पूनावाला ने कहा, ‘टीएमसी को सुप्रीम कोर्ट से सुप्रीम झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने तृणमूल कांग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया है और हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। हाईकोर्ट के आदेश ने कहा था कि केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (PSU) के कर्मी काउंटिंग सुपरवाइजर बन सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी तृणमूल कांग्रेस से कहा कि आपको इसमें आशंका क्यों दिखाई देती है? वे निर्वाचन आयोग के तहत स्वतंत्र रूप से काम कर रहे हैं।’

‘कमल खिलने वाला, इसलिए दहशत में TMC’

उन्होंने आगे कहा, ‘यह उनकी तरफ से एक फर्जी आशंका थी। लेकिन तृणमूल कांग्रेस ट्रिपल डी में आ चुकी है, जबसे एग्जिट पोल देखा है। उन्हें दिख रहा है कि बंगाल में कमल खिलने वाला है। तो अब उन्होंने डी से स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर ड्रामा करना और झूठ बोलना शुरू कर दिया है।’

‘ 4 मई के नतीजे स्वीकारेगी तृणमूल कांग्रेस?’

पूनावाला कहते हैं, ‘डी से धमकी देना- इंस्टीट्यूशन को धमकाना, गाली देना और बदनाम करना। डी से उन्होंने नैरेटिव को डायवर्ट शुरू कर दिया है और हारने से पहले बहाने बनाने लगे हैं। इसी के कारण दहशत में आकर कभी इंस्टीट्यूशन सेंट्रल फोर्स को गाली, कभी निर्वाचन आयोग पर सवाल… एक प्री-पोल बहाना बनाने की कोशिश है, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दिया है। लेकिन अब क्या 4 मई के नतीजे को तृणमूल कांग्रेस स्वीकारेगी? या अब भी बहाने बनाएगी?’

TMC ने हाईकोर्ट के बाद किया था SC का रुख

बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 4 मई को होनी है, जिसको लेकर सियासी संग्राम मचा है। राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी ने वोटों की गिनती के दौरान सुपरवाइजर की नियुक्ति को लेकर चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देते हुए अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। टीएमसी ने इससे पहले इस मामले में कोलकाता हाईकोर्ट में में याचिका दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी मांग को खारिज कर राहत देने से इनकार कर दिया था। इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। लेकिन अब टीएमसी को उच्च न्यायालय से भी झटका लगा है।

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