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दक्षिण बंगाल चुनाव शुरू होते ही हिंसा, नदिया में बीजेपी एजेंट पर हमला, सिर फटा, भांगड़ में ISF-तृणमूल टकराव

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान आज सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा। इस चरण में 7 जिलों की 142 सीटों पर करीब 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर. . .

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान आज सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा। इस चरण में 7 जिलों की 142 सीटों पर करीब 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुल 1,448 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 218 महिलाएं शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान कई इलाकों में हिंसा और तनाव की खबरें सामने आई हैं। नदिया जिले के चापड़ा विधानसभा क्षेत्र के हटरा इलाके में एक बीजेपी एजेंट पर हमले का गंभीर आरोप लगा है।
बीजेपी उम्मीदवार सैकत सर्कार ने आरोप लगाया कि उनके एजेंट मोशारफ मीर जब 53 नंबर बूथ में प्रवेश कर रहे थे, तभी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक दिया और उन पर हमला कर दिया। इस हमले में उनके सिर पर चोट लगी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल एजेंट ने बताया कि उन्हें लाठियों से दौड़ाकर मारा गया और इस घटना में कुल पांच लोग घायल हुए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं, दक्षिण 24 परगना के भांगड़ इलाके में भी मतदान से पहले ही हालात तनावपूर्ण हो गए। यहां Indian Secular Front (ISF) और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच झड़प की खबर है। भांगड़ विधानसभा के कई इलाकों में दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं।
विशेष रूप से भांगड़ के कोचपुकुर इलाके में ISF कार्यकर्ताओं पर तृणमूल समर्थकों द्वारा हमला करने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, विजयगंज बाजार थाना क्षेत्र में यह हिंसा हुई, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
चुनाव आयोग और प्रशासन की ओर से शांति बनाए रखने की अपील की गई है, लेकिन लगातार सामने आ रही हिंसा की घटनाएं चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रही हैं।
सुबह से ही कई जगहों पर तनाव और गड़बड़ियों की खबरें सामने आई हैं। बारासात के एक बूथ पर ईवीएम खराब होने से मतदान में देरी हुई, जिससे लंबी लाइन में खड़े मतदाताओं में नाराजगी देखी गई। तकनीकी टीम पहुंच चुकी है और मशीन ठीक करने का काम जारी है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुबह-सुबह भवानीपुर क्षेत्र का दौरा किया और मतदान से पहले हालात का जायजा लिया। वहीं विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी भी अपने घर से निकलकर मंदिर में पूजा करने के बाद मतदान क्षेत्र की ओर रवाना हुए। भवानीपुर सीट पर दोनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
कई इलाकों से आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए हैं। क्यानिंग पूर्व में ISF एजेंटों को बूथ पर बैठने से रोकने का आरोप लगा है, जबकि बर्धमान में तृणमूल कार्यकर्ताओं पर वोटरों को बूथ स्लिप दिखाने के लिए मजबूर करने का आरोप है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इसे सहायता का हिस्सा बताया है।
इस चरण में कई हाई-प्रोफाइल उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें फिरहाद हाकिम , ब्रात्य बासु, मदन मित्र और रूपा गांगुली जैसे नाम शामिल हैं।
पिछले चुनाव (2021) में इन 142 सीटों में से 123 पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा को 18 सीटें मिली थीं। इस बार भी दोनों पार्टियों के लिए यह चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा उत्तर बंगाल में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है, जबकि तृणमूल अपनी बढ़त बरकरार रखना चाहती है।
सुरक्षा के लिहाज से इस चरण में 2,321 कंपनियों की तैनाती की गई है। प्रशासन की कोशिश है कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो, लेकिन शुरुआती घटनाओं ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है।

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