कांकेर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सल प्रभावित क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। नारायणपुर और कांकेर जिले की सीमा पर शनिवार को डी-माइनिंग और एरिया डॉमिनेशन ऑपरेशन के दौरान एक आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट हो गया। इस हादसे में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जवान शहीद हो गए, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका इलाज जारी है।
IED ब्लास्ट में 3 जवान शहीद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों की टीम क्षेत्र में सर्चिंग के साथ-साथ डी-माइनिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पहले से नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया के दौरान अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मौके पर ही तीन जवानों ने दम तोड़ दिया।
47 नक्सलियों ने किया आत्मसर्मपण
शहीद होने वालों में डीआरजी इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले शामिल हैं। वहीं घायल जवान की पहचान कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा के रूप में हुई है, जिसे तत्काल बेहतर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
IG ने की पुष्टि
घटना की पुष्टि बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दराज (सुंदरराज पट्टिलिंगम) ने की है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों से मिली सूचनाओं और अन्य खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों द्वारा बस्तर रेंज में बड़ी संख्या में छिपाए गए आईईडी बरामद कर निष्क्रिय किए गए हैं।
आईजी के अनुसार, “आज की यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जब कांकेर जिला पुलिस की टीम आईईडी को निष्क्रिय कर रही थी, तभी वह आकस्मिक रूप से विस्फोटित हो गया। इस हादसे में तीन जवान शहीद हो गए, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल है।” घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अलर्ट बढ़ा दिया गया है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया है। आसपास के इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है ताकि किसी भी अन्य छिपे हुए विस्फोटक को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।
पूरे प्रदेश में शोक की लहर
शहीद जवानों के बलिदान पर पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। फिलहाल, मामले की विस्तृत जांच जारी है और अधिकारियों द्वारा समय-समय पर नई जानकारी साझा किए जाने की बात कही गई है।