जयपुर। राजस्थान और गुजरात के बीच हुए मुकाबले में सबकी नजरें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर थीं। वैभव ने मैदान पर उतरते ही अपने इरादे साफ कर दिए और मोहम्मद सिराज की पहली ही गेंद को लॉन्ग-ऑन के ऊपर से छक्का जड़ा दिया। इस एक छक्के के साथ ही उन्होंने टी20 क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के पूरे करने का जादुई आंकड़ा पार कर लिया। सस्पेंस इस बात का था कि क्या यह युवा खिलाड़ी सिराज जैसे अनुभवी गेंदबाज का सामना कर पाएगा? लेकिन वैभव ने पावरप्ले में ही 16 गेंदों पर 36 रनों की तूफानी पारी खेलकर (3 चौके, 3 छक्के) फैंस का दिल जीत लिया। हालांकि, सिराज ने बाद में उन्हें आउट कर इस रोमांचक जंग का अंत किया।
दिग्गजों को वैभव ने पछाड़ा
टी20 क्रिकेट की दुनिया में जब भी बड़े हिटर्स की बात होती है, तो वेस्टइंडीज के पोलार्ड या शेफर्ड जैसे पावर-हाउस खिलाड़ियों का नाम सबसे ऊपर आता है, लेकिन जयपुर के मैदान पर 15 साल के वैभव ने इस धारणा को जड़ से उखाड़ फेंका। सस्पेंस इस बात का था कि क्या कोई इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों की गति की बराबरी कर पाएगा, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने जो किया वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने टी20 में अपने 100 छक्के पूरे करने के लिए मात्र 514 गेंदों का सहारा लिया, जो कि एक विश्व रिकॉर्ड बन गया है। इस मामले में उन्होंने ऑस्ट्रिया के करणबीर सिंह (813 गेंद) को तो मीलों पीछे छोड़ा ही, साथ ही कीरोन पोलार्ड (843 गेंद), रोमारियो शेफर्ड (845 गेंद) और रखीम कॉर्नवाल (850 गेंद) जैसे कैरेबियाई दिग्गजों के रिकॉर्ड को भी चकनाचूर कर दिया। वैभव की यह रॉ पावर दिखाती है कि अब क्रिकेट के मैदान पर अनुभव नहीं, बल्कि बेखौफ जज्बा राज करता है।
आईपीएल 2026 के रन मशीन बने वैभव
वैभव सूर्यवंशी इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए सबसे बड़े मैच विनर साबित हुए हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने अब तक 11 पारियों में 40.00 की औसत और 236.55 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 440 रन बनाए हैं। उनके नाम इस सीजन में एक शतक और दो अर्धशतक भी दर्ज हैं। जिस तेजी से वैभव रन बना रहे हैं, उसने उन्हें न केवल राजस्थान का लीडिंग रन-स्कोरर बना दिया है, बल्कि वे ऑरेंज कैप की रेस में भी मजबूती से बने हुए हैं। उनकी बल्लेबाजी शैली ने आधुनिक टी20 क्रिकेट की परिभाषा ही बदल दी है।
पहली पारी में जीटी की कमाल बल्लेबाजी
इससे पहले, गुजरात टाइटंस ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। नियमित कप्तान रियान पराग की चोट के चलते कप्तानी कर रहे यशस्वी जायसवाल ने गुजरात को बल्लेबाजी के लिए बुलाया, जो राजस्थान के लिए भारी पड़ गया। शुभमन गिल (44 गेंदों में 84 रन) और साई सुदर्शन (36 गेंदों में 55 रन) के अर्धशतकों ने गुजरात को मजबूत नींव दी। अंत में वॉशिंगटन सुंदर की 20 गेंदों में नाबाद 37 रनों की पारी ने गुजरात का स्कोर 20 ओवरों में 229/4 तक पहुंचा दिया। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने तो कमाल की बल्लेबाजी की, लेकिन उनके आउट होते ही राजस्थान की टीम बिखर गई और वह 16.3 ओवर में 152 रन पर ऑलआउट हो गए।