Home » पश्चिम बंगाल » तारातला हादसे के बाद बड़ा फैसला : कोलकाता और आसपास बहुमंजिला व व्यावसायिक निर्माण पर जुलाई तक लगी रोक, अधिसूचना जारी

तारातला हादसे के बाद बड़ा फैसला : कोलकाता और आसपास बहुमंजिला व व्यावसायिक निर्माण पर जुलाई तक लगी रोक, अधिसूचना जारी

कोलकाता। कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम ढहने से हुई मजदूरों की मौत के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के नगर एवं शहरी विकास विभाग ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर कोलकाता और आसपास के. . .

कोलकाता। कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम ढहने से हुई मजदूरों की मौत के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के नगर एवं शहरी विकास विभाग ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर कोलकाता और आसपास के कई शहरी क्षेत्रों में बहुमंजिला तथा व्यावसायिक भवनों के निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक लगा दी है।

प्रतिबंध 31 जुलाई 2026 तक प्रभावी

सरकारी आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध 31 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान जी+5 (पांच मंजिल से अधिक) की सभी इमारतों तथा किसी भी आकार के व्यावसायिक भवनों का निर्माण पूरी तरह बंद रहेगा। सरकार का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा, भवनों की संरचनात्मक मजबूती और निर्माण मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
यह आदेश कोलकाता नगर निगम के अलावा बिधाननगर, हावड़ा नगर निगम, न्यू टाउन कोलकाता डेवलपमेंट अथॉरिटी (एनकेडीए), बाली, पुजाली, बारुईपुर, बजबज, महेशतला, राजपुर-सोनारपुर, दक्षिण दमदम, बरानगर और कामारहाटी सहित कई नगर निकायों पर लागू होगा।

परियोजनाओं की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन

राज्य सरकार ने सभी प्रभावित परियोजनाओं की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। समिति निर्माण स्थल का सत्यापन, मिट्टी और भवन की संरचनात्मक जांच तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का मूल्यांकन करेगी। जो परियोजनाएं इस ऑडिट में सुरक्षित पाई जाएंगी, उन्हें 31 जुलाई से पहले भी निर्माण शुरू करने की अनुमति दी जा सकती है। सरकार ने साफ किया है कि यदि किसी बिल्डर या प्रमोटर द्वारा स्वीकृत नक्शे अथवा भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उसे ध्वस्त भी किया जा सकता है।

कुछ परियोजनाओं को इस प्रतिबंध से छूट

हालांकि, कुछ परियोजनाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इनमें केंद्र और राज्य सरकार की परियोजनाएं, आपातकालीन मरम्मत कार्य, वैध अनुमति वाले मकानों का विस्तार तथा जी+4 (चार मंजिल तक) के सामान्य आवासीय भवनों का निर्माण शामिल है। इसके अलावा जिन परियोजनाओं में बेसमेंट या नींव की खुदाई पहले से शुरू हो चुकी है, वहां सुरक्षा संबंधी आवश्यक कार्य जैसे पानी निकासी, शीट पाइलिंग और क्रेन व स्कैफोल्डिंग को सुरक्षित हटाने की अनुमति रहेगी। निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कोलकाता पुलिस आयुक्त को नगर निकायों को सुरक्षा एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि 24 जून को तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने से कई मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हादसे के बाद राज्य सरकार ने निर्माण कार्यों की व्यापक समीक्षा और सुरक्षा ऑडिट का निर्णय लिया है।

Web Stories
 
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम