लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सुभासपा के प्रमुख और यूपी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक ऐसा दावा किया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। राजभर का कहना है कि समाजवादी पार्टी (सपा) बहुत जल्द बिखरने वाली है और इसमें एक बड़ी टूट होने जा रही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट शेयर कर सीधे तौर पर दावा किया है कि सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उन्हें एक चिट्ठी सौंपी है।
घोटालों की जांच से सपा खेमे में भारी बेचैनी
मंत्री ओपी राजभर ने सपा नेतृत्व को घेरते हुए पुराने घोटालों का मुद्दा फिर से गरमा दिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश का बच्चा-बच्चा जानता है कि चर्चित ‘खनन घोटाले’ और ‘गोमती रिवर फ्रंट घोटाले’ का असली मास्टरमाइंड कौन है। राजभर का दावा है कि केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED) का शिकंजा जैसे-जैसे कसता जा रहा है, वैसे-वैसे समाजवादी पार्टी के भीतर घबराहट और बेचैनी बढ़ती जा रही है। इसी कानूनी कार्रवाई के डर से पार्टी के भीतर बड़ी हलचल मची हुई है।
महाराष्ट्र और बंगाल से भी बड़ा उलटफेर
ओपी राजभर ने दलबदल के मामले में दूसरे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के सियासी उलटफेर को भूल जाइए, इस बार यूपी में उससे भी बड़ा खेल होने वाला है। राजभर के मुताबिक, मौजूदा हालात ऐसे बन चुके हैं कि समूची समाजवादी पार्टी ही बीजेपी में शामिल होने के लिए तैयार बैठी है। रामगोपाल यादव की गृहमंत्री से कथित मुलाकात को इसी बड़े सियासी बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।
रामगोपाल यादव पर पहले भी निशाना साध चुके हैं राजभर
यह कोई पहली बार नहीं है जब ओमप्रकाश राजभर ने रामगोपाल यादव को अपने निशाने पर लिया हो। इससे पहले भी वह सपा के इस नेता पर कई गंभीर आरोप लगा चुके हैं। राजभर ने कुछ समय पहले प्रतीक यादव के निधन के वक्त भी दावा किया था कि रामगोपाल यादव संवेदना व्यक्त करने अपर्णा यादव के घर तक नहीं गए थे। वर्तमान में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में मंत्री राजभर लगातार अखिलेश यादव और उनकी पार्टी पर हमलावर रहे हैं, और उनके इस ताजा दावे ने यूपी की राजनीति को पूरी तरह से गरमा दिया है।