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बंगाल का जंग बना प्रतिष्ठा और अस्तित्व की लड़ाई : क्या है ममता बनर्जी का ‘2026 में 226 मिशन’ ? समझे पूरा गेम प्लान समझें,

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में इस महीने होने वाले विधानसभा चुनाव किसी के लिए सत्ता में बने रहने की लड़ाई है तो किसी के लिए कुर्सी हथियाने की और किसी के लिए अपने अस्तित्व की रक्षा की। इस बात पर अनुमान. . .

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में इस महीने होने वाले विधानसभा चुनाव किसी के लिए सत्ता में बने रहने की लड़ाई है तो किसी के लिए कुर्सी हथियाने की और किसी के लिए अपने अस्तित्व की रक्षा की। इस बात पर अनुमान लगाए जा रहे हैं कि इसमें कौन जीतेगा और कौन विपक्ष की भूमिका में रहेगा। राजनीति पर बहस करने वाले अक़सर कहते हैं कि चुनावी गणित हमेशा सीधा नहीं होता।
इसकी वजह यह है कि चुनाव कभी मुद्दों पर होते हैं और कभी नतीजा उम्मीदवारों पर निर्भर होता है।इसमें कई बार एकदम अलग समीकरण काम करते हैं। पश्चिम बंगाल चुनाव के इस समीकरण में कई राजनेता अहम भूमिका निभा रहे हैं। इनमें से कोई चुनाव लड़ रहा है तो कोई दूसरों के समर्थन में प्रचार कर रहा है. कई लोग बंगाल के रहने वाले नहीं हैं- लेकिन ये लोग किसी न किसी तरीके से इस चुनाव के अहम किरदार के तौर पर उभरे हैं।

226 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की तैयारी में हैं। उन्होंने साफ कहा है कि TMC 226 से ज्यादा सीटें जीतेगी, जबकि उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने और ऊंचा लक्ष्य रखा है – 250 सीटें। पार्टी 294 में से इतनी सीटें जीतकर BJP को बहुत कमजोर करने का प्लान बना रही है। पहले चरण के मतदान (23 अप्रैल) से ठीक पहले पूरे राज्य में TMC की मशीनरी पूरी तरह सक्रिय है। ममता उत्तर बंगाल संभाल रही हैं तो अभिषेक दक्षिण में मोर्चा संभाले हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अभिषेक का यह गेम प्लान ही दीदी को बार-बार ‘शेरनी’ बनाता है और चौथे टर्म का रास्ता आसान करता है। जानें किस गेम प्लान के जरिए टीएमसी करने वाली है बंगाल में फतह।

अभिषेक बनर्जी का मिशन 250: बुआ का सपना साकार करने का दमदार दांव

पश्चिम बंगाल में चुनावी घमासान जोरों पर है। 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 सीटों पर और 29 अप्रैल को दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोटिंग होगी। नतीजे 4 मई को आएंगे। तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी ममता बनर्जी अब चौथी बार सत्ता में वापसी चाहती हैं। उन्होंने खुद कहा है कि TMC 226 से ज्यादा सीटें जीतेगी। लेकिन उनके भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का लक्ष्य उससे भी बड़ा है और उनका टारगेट है 250 सीटें, तो चलिए समझते हैं इस ‌रिपोर्ट में कैसे ममता बनर्जी ‘शेरनी’ बनी हुई हैं और BJP को कड़ी टक्कर दे रही हैं। सिलसिलेवार सब बात समझते हैं.

ममता बनर्जी का ‘2026 में 226 मिशन’ क्या है?

ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में साफ कहा है कि TMC 226 से ज्यादा सीटें जीतेगी। उनका फोकस 2021 में जीती गई 215 सीटों को बचाने की है। इसके साथ इसमें और भी कुछ और सीटें जोड़ने पर है. वे बार-बार कह रही हैं कि बंगाल की मिट्टी, मां और मानुष की रक्षा के लिए TMC को मजबूत बहुमत चाहिएv
महिलाओं पर खास जोर है। लक्ष्मीर भंडार जैसी योजनाओं के दो करोड़ से ज्यादा लाभार्थी उनके साथ हैं। ममता उत्तर बंगाल में BJP की चुनौती को काउंटर करने के लिए मोर्चा संभाले हुए हैं। वे महिलाओं से अपील कर रही हैं कि अगर कोई वोटिंग में रोके तो झाड़ू लेकर सड़क साफ कर दो। यह भावनात्मक कनेक्ट ही दीदी को ‘शेरनी’ बनाता है। लेकिन असली ऑर्गनाइजेशनल ताकत उनके भतीजे अभिषेक के पास है, जो 250 सीटों का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

BJP- TMC के घोषणापत्र में क्या है अंतर? 10 प्वाइंट में जानिए पूरी डिटेल्स

अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि 250 सीटों का लक्ष्य रखकर लड़ना है। उनका मानना है कि अगर TMC 250+ सीटें जीत ले तो BJP 50 से भी कम पर सिमट जाएगी। यह प्लान 2021 के रिजल्ट को रीकैलिब्रेट करके बनाया गया है। खासतौर पर उन सीटों पर फोकस जहां मार्जिन बहुत कम था। 2021 में 34 सीटों पर 5,000 वोट से भी कम अंतर से फैसला हुआ। BJP ने 21 और TMC ने 13 ऐसी सीटें जीती थीं। मार्जिन कभी 273 वोट तो कभी 4,300 वोट तक रहा। 2024 लोकसभा में बालुरघाट, आरामबाग, बिश्नुपुर जैसी सीटों पर भी करीबी मुकाबला था। अभिषेक इन्हीं क्षेत्रों को टारगेट करके पार्टी को आगे बढ़ा रहे हैं।इसी दम पर दीदी बार-बार ‘शेरनी’ साबित होती हैं।

SIR का तूफान और TMC की चतुर तैयारी

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से वोटर लिस्ट में भारी कटौती हुई है। 44 सीटों पर डिलीशन 2021 के मार्जिन से ज्यादा है। इनमें TMC की 24 और BJP की 20 सीटें शामिल हैं। मसेरगंज में TMC की जीत 26,111 वोट से थी लेकिन 74,775 नाम कट गए. गैघाटा में BJP ने 9,603 वोट से जीता था, यहां 19,638 वोटर हटाए गए। अभिषेक ने इन बदलावों को चुनौती की जगह मौके में बदला। उन्होंने कहा है कि TMC जीती तो सभी डिलीट नाम वापस जोड़े जाएंगे। पार्टी हर डिलीशन को ट्रैक कर रही है और कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों को आगे रख रही है। बंगाली अस्मिता का भावना भी जोरदार तरीके से इस्तेमाल हो रहा है।

डेटा और कल्चर का अनोखा मेल

अभिषेक का गेम प्लान सिर्फ आंकड़ों पर नहीं टिका. डेटा एनालिसिस को पारंपरिक पंचाली शैली और बंगाली गौरव के साथ जोड़ा गया है। SIR से प्रभावित वोटरों की कहानियां और योजनाओं के लाभार्थियों को खास जगह दी जा रही है। सांप-सीढ़ी वाला गेम बोर्ड भी बनाया गया है, जिसमें TMC की ’10 प्रतिज्ञाएं’ विकास की सीढ़ियां हैं और विरोधी बाधाएं. यह प्लान पिछले चुनावों से अलग है. अब बूथ स्तर पर मोबिलाइजेशन मुख्य हथियार है, जो दीदी को ‘शेरनी’ का रूप देता है।

बूथ लेवल पर अभिषेक का पूरा फोकस

हर 294 विधानसभा क्षेत्र में वॉर रूम बनाए गए हैं. हर वॉर रूम में 20 सदस्य – कोऑर्डिनेटर और डेटा ऑपरेटर काम कर रहे हैं। ममता और अभिषेक रोजाना तीन-चार रैलियां कर रहे हैं, लेकिन असली जोर ‘छोटो सभाओं’ पर है। हर बूथ पर हफ्ते में दो-तीन माइक्रो मीटिंग्स हो रही हैं।जिनमें 250-300 लोग शामिल होते हैं। क लाख से ज्यादा शैडो एजेंट्स BLOs पर नजर रख रहे हैं और वोटर लिस्ट के बदलाव ट्रैक कर रहे हैं। चाय की दुकानों, आवासीय इलाकों में रोजाना बातचीत हो रही है. किसान, महिला, बुजुर्ग और SC/ST के लिए अलग टीम बनाई गई है।अभिषेक का यह ग्रासरूट प्लान ही TMC को मजबूत बनाता है।

ट्विन ट्रैक स्ट्रेटजी: बुआ-भतीजे का तालमेल

ममता उत्तर बंगाल पर फोकस कर रही हैं तो अभिषेक दक्षिण बंगाल संभाल रहे हैं। दोनों की रैलियां और कार्यक्रमों में कोई ओवरलैप नहीं। ममता भावनात्मक कनेक्ट पर जोर दे रही हैं, जबकि अभिषेक डेटा और ऑर्गनाइजेशन पर. यह ट्विन ट्रैक अप्रोच पार्टी की ताकत बढ़ा रहा है और दीदी को ‘शेरनी’ बनाए रख रहा है।

BJP को कमजोर करने का लक्ष्य

अभिषेक कहते हैं कि 250 सीटें जीतकर BJP को 50 से नीचे लाना है. इससे बंगाल में TMC की पकड़ मजबूत होगी. कार्यकर्ताओं को हर वोट की अहमियत समझाई जा रही है। मार्जिन वाली सीटों पर एक्स्ट्रा मेहनत हो रही है. इसी प्लान के दम पर ममता तीन बार ‘शेरनी’ बन चुकी हैं और चौथी बार भी उसी राह पर हैं।

कैंपेन का नया रूप

इस बार TMC की मुहिम ज्यादा जमीन से जुड़ी है। पंचाली के जरिए रिपोर्ट कार्ड बताया जा रहा है. महिलाओं और युवाओं को खास मैसेज दिए जा रहे हैं. SIR शिकायतों को पार्टी अपने पक्ष में मोड़ रही है। मीडिय रिपोर्ट के अनुसार, अभिषेक बनर्जी का यह पूरा गेम प्लान TMC को चौथी बार मजबूत बहुमत दिलाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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