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बेंगलुरु में आर्ट ऑफ लिविंग के 45 साल पूरे, स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी करेंगे ध्यान मंदिर का उद्घाटन, जानिए खासियत

बेंगलुरु। आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ध्यान मंदिर का लोकार्पण किया और संस्था के संस्थापक Sri Sri Ravi Shankar को 70वें. . .

बेंगलुरु। आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ध्यान मंदिर का लोकार्पण किया और संस्था के संस्थापक Sri Sri Ravi Shankar को 70वें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

“सेवा भाव से ही मिलता है सफलता का परिणाम”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब संकल्प स्पष्ट हो और मन में सेवा का भाव हो, तो हर प्रयास सकारात्मक परिणाम देता है। उन्होंने कहा कि 45 साल पहले बोया गया छोटा बीज आज दुनिया भर में फैले विशाल वटवृक्ष में बदल चुका है।

बेंगलुरु को बताया आध्यात्म और टेक्नोलॉजी का संगम

पीएम मोदी ने कहा कि Bengaluru केवल सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी के लिए ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना के लिए भी पूरी दुनिया में पहचान रखता है।

“समाज सरकार से भी ज्यादा शक्तिशाली”

प्रधानमंत्री ने समाज की ताकत पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी सरकार तभी सफल होती है जब समाज राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपराओं ने हमेशा मानव सेवा को सर्वोच्च स्थान दिया है।

युवाओं और डिजिटल इंडिया की तारीफ

पीएम मोदी ने युवाओं की ऊर्जा और नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत डिजिटल पेमेंट में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और भारतीय युवा अंतरिक्ष तक अपनी पहुंच बना रहे हैं।

प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

प्रधानमंत्री ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि धरती मां को रसायनों से बचाना भी “आर्ट ऑफ लिविंग” का हिस्सा है। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को आगे बढ़ाने और प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।

“विविधता में एकता ही भारत की ताकत”

पीएम मोदी ने कहा कि भारत अनेक भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं का देश है, लेकिन सबको जोड़ने वाला मूल मंत्र “दूसरों के लिए जीना” है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश आध्यात्मिक मूल्यों और सेवा भावना के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

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