डेस्क। चीन के हेबेई प्रांत से एक ऐसी खौफनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने विज्ञान, परंपरा और इंसान के होश उड़ा दिए हैं। यहाँ 70 साल से अधिक उम्र की एक बुजुर्ग महिला को मृत मानकर ताबूत में लिटा दिया गया था, लेकिन मौत के ठीक एक दिन बाद ताबूत के अंदर से ऐसी हरकत शुरू हुई जिसे देख परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
ताबूत से आई गुनगुनाने की धीमी आवाज
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस महिला को परिवार और समाज ने अलविदा कह दिया था, उसकी लाश अचानक ताबूत के भीतर हरकत करने लगी। परिजनों को ताबूत के अंदर से धीमी आवाजें सुनाई दीं, जैसे कोई कुछ गुनगुना रहा हो। जब हिम्मत जुटाकर ताबूत खोला गया, तो जो नजारा दिखा, उसने सबको सन्न कर दिया। 11 सितंबर को होश में आने के बाद महिला अपनी आंखें खोलने में कामयाब रही, हालांकि उसकी स्थिति बेहद नाजुक थी और वह कुछ भी खा-पी नहीं पा रही थी। इसके कुछ घंटों बाद, उसी रहस्यमयी रात उसने वास्तव में दम तोड़ दिया और 13 सितंबर को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
क्या थी इस अनहोनी की असली वजह?
चिकित्सकीय विशेषज्ञों ने इस अजीबोगरीब घटना को ‘अपैरेंट डेथ’ (Apparent Death) या भ्रामक मृत्यु की स्थिति से जोड़ा है। इस दुर्लभ अवस्था में इंसान के शरीर की आंतरिक गतिविधियां इतनी धीमी पड़ जाती हैं कि सांस और दिल की धड़कनों को महसूस करना नामुमकिन सा हो जाता है। शरीर गहरी अचेत अवस्था में चला जाता है और मेटाबॉलिज्म लगभग शून्य हो जाता है, जिससे जीवित व्यक्ति भी मुर्दा प्रतीत होने लगता है। चीन के ग्रामीण इलाकों में यह पुरानी परंपरा है कि अंतिम संस्कार से पहले शव को कुछ दिनों तक घर में ही रखा जाता है। इसके लिए किराए के कूलिंग ताबूतों का इस्तेमाल किया जाता है। इस मामले में भी परिवार ने सामान्य शीतलन (कम तापमान) वाले ताबूत का ही उपयोग किया था, जिसने शायद अनजाने में महिला को इस लंबी बेहोशी से कुछ देर के लिए बाहर निकलने का मौका दे दिया।
इंटरनेट पर छिड़ी बहस और अनसुलझे सवाल
जब परिवार के एक सदस्य ने इस अजीब घटना की दास्तां सोशल मीडिया पर साझा की, तो नेटिज़न्स के बीच सनसनी फैल गई। कई लोगों ने इसे महज एक अफवाह करार दिया। हालांकि, परिवार ने सफाई देते हुए कहा कि कोई भी अपने ही घर के सदस्य की मौत और जिंदगी से जुड़े इस तरह के खौफनाक किस्से झूठे क्यों गढ़ेगा? दूसरी ओर, स्थानीय लोगों और विश्लेषकों ने इस बात पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं कि आखिर बिना किसी डॉक्टर या अस्पताल के पुख्ता और औपचारिक मृत्यु प्रमाणपत्र के महिला को ताबूत में कैसे लिटा दिया गया था? यह रहस्य आज भी लोगों के जेहन में अनसुलझा है कि क्या वह वाकई मौत थी या सिर्फ एक भयानक गफलत? क्या आप इस रहस्यमयी चिकित्सा स्थिति (‘अपैरेंट डेथ’) के बारे में और अधिक विस्तार से जानना चाहते हैं?