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गंडक के कहर से उत्तर बिहार बेहाल: चंपारण तटबंध टूटा, बगहा के 9 वार्ड डूबे, 4 जिलों में तबाही

गंडक नदी में आए उफान के कारण उत्तर बिहार के चार प्रमुख जिलों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से इस साल का सबसे ज्यादा 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।. . .

रिकॉर्ड पानी छोड़े जाने के बाद बिगड़े हालात

पटना। गंडक नदी में आए उफान के कारण उत्तर बिहार के चार प्रमुख जिलों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से इस साल का सबसे ज्यादा 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद पश्चिमी चंपारण के खैरटवा के पास चंपारण तटबंध टूट गया और बगहा शहर समेत आसपास के निचले इलाकों में रातोंरात पानी भर गया। बेतिया, मोतिहारी, छपरा और गोपालगंज में फसलें और मकान पानी में डूब गए हैं और हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं।

सोमवार रात टूटा तटबंध, गांवों में अफरातफरी

सोमवार रात करीब 9.30 बजे रतवल-चखनी मुख्य मार्ग पर खैरटवा के पास तटबंध लगभग 150 फीट टूट गया। गंडक का तेज पानी सरेह और चखनी, राजावटिया, सिंगाड़ी पिपरिया, चंद्रपुर, रतवल व पतिलार पंचायतों के दर्जनों गांवों की ओर फैलने लगा। रतवल-चखनी मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और ग्रामीण सामान समेटकर तटबंध व ऊंचे स्थानों की ओर भागने लगे। गौरतलब है कि पिछले साल भी इसी जगह तटबंध टूटा था।

खतरे के निशान से ऊपर नदी, बगहा शहर जलमग्न

गंडक का जलस्तर उच्चतम फ्लड लेवल 90.90 मीटर से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया, जिससे बगहा शहर के 9 वार्ड पानी की चपेट में आ गए।

  • डूबे दफ्तर: बगहा एसपी कार्यालय, पुलिस लाइन और किसान भवन पूरी तरह जलमग्न हैं।
  • बंद सड़कें: बगहा-बेतिया और बगहा-वाल्मीकिनगर मार्गों पर पानी चढ़ने से वाहन बंद हो गए हैं।
  • नाव का सहारा: प्रभावित सड़कों पर लोग आवागमन के लिए नावों पर निर्भर हैं।

जल संसाधन विभाग का दावा: ब्रीच छोटा, एनएच 727 सुरक्षित

जल संसाधन विभाग के मुताबिक बगहा-1 प्रखंड के खैरतवा गांव के पास बाएं चंपारण तटबंध के 4 किमी पर 10 मीटर लंबाई में माइनर ब्रीच हुआ है। विभाग का कहना है कि यह पानी खेतों में फैलकर तटबंध के 9.50 किमी पर वापस नदी में मिल जाएगा। इससे अगस्तिया, खैरटवा और चंद्रपुर के निचले हिस्सों का संपर्क टूटा है। विभाग ने स्पष्ट किया कि 3 किमी दूर एनएच 727 को बड़ा खतरा नहीं है, क्योंकि नदी का डिस्चार्ज घट रहा है। विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मरम्मत में जुटी हैं।

अन्य तीन जिलों में भी भारी नुकसान

बाढ़ का असर सिर्फ पश्चिमी चंपारण तक सीमित नहीं है:

  • पूर्वी चंपारण (मोतिहारी): संग्रामपुर और अरेराज प्रखंडों के कई गांव पानी में डूब गए हैं।
  • गोपालगंज: सदर प्रखंड के चार गांवों की सड़कें पूरी तरह डूब गई हैं और दियारा क्षेत्र के कई स्कूल पानी से घिर गए हैं।
  • सारण: गंडक का पानी फैलने से करीब 50 एकड़ में लगी धान की पूरी फसल बर्बाद हो गई है।

गंडक का बढ़ा जलस्तर

गंडक का बढ़ा जलस्तर उत्तर बिहार के कई जिलों के लिए मुसीबत बन गया है। हालांकि विभाग नदी का डिस्चार्ज घटने की बात कह रहा है, लेकिन बगहा शहर और आसपास के गांवों में हालात अब भी गंभीर हैं। प्रशासन की मरम्मत और राहत कार्य पर लोगों की नजरें टिकी हैं।

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