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नारी शक्ति की आकांक्षाओं के साथ पूरा न्याय हो, नारी वंदन अधिनियम पर PM मोदी ने लिखा पत्र, कहा- 2029 तक महिला आरक्षण से लोकतंत्र होगा मजबूत

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के नाम लिखे एक खुले पत्र में कहा, 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ होने चाहिए। उन्होंने देश की महिलाओं को लिखे पत्र में यह बात कही। मोदी ने. . .

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के नाम लिखे एक खुले पत्र में कहा, 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ होने चाहिए। उन्होंने देश की महिलाओं को लिखे पत्र में यह बात कही। मोदी ने कहा कि इससे भारतीय लोकतंत्र मजबूत और जीवंत होगा।
प्रधानमंत्री ने विधायी निकायों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिए। उन्होंने कहा कि महिलाएं कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधन पारित करने की अपील की। यह संशोधन गुरुवार से शुरू होने वाले संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में पारित होने चाहिए। उन्होंने किसी भी देरी को दुर्भाग्यपूर्ण और महिलाओं के साथ घोर अन्याय बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की बेटियों को उनके अधिकार के लिए अंतहीन इंतजार नहीं कराया जा सकता। विधायकों में महिलाओं की आवाज मजबूत होने से लोकतंत्र की आवाज भी मजबूत होती है। उन्होंने आगामी संसद सत्र के लिए करोड़ों महिलाओं का आशीर्वाद मांगा। मोदी ने सभी से अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखने का आग्रह किया। यह उन्हें इस ऐतिहासिक सत्र में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

महिला आरक्षण अधिनियम

सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था। इसे सामान्यतः महिला आरक्षण अधिनियम के नाम से जाना जाता है। यह विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। संशोधन पारित होने पर लोकसभा सीटों की संख्या 816 हो जाएगी, जिनमें से 273 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

2029 में लागू करने की आवश्यकता

संविधान में 2023 में संशोधन कर 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया था। वर्तमान कानून के तहत यह आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो सकता था। यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन अभ्यास पूरा होने से जुड़ा था। इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए बदलाव आवश्यक थे। इसलिए सरकार कानून में संशोधन पारित करने के लिए विशेष सत्र आयोजित कर रही है।

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