कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस पार्टी पर टूट का खतरा मंडरा रहा है। जानकारी के अनुसार, बंगाल चुनाव में हार के बाद से टीएमसी में अभिषेक बनर्जी का विरोध जारी है। जिन दो विधायकों को ममता ने सोमवार को पार्टी से निकाला अब उन्हीं के नेतृत्व नें नई टीएमसी बनाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि TMC से निष्कासित 2 विधायकों ने खुद को असली TMC बताते हुए अपने साथ 50 से ज्यादा MLA होने का दावा किया है तो दावेदारी विपक्ष के नेता के पद और चुनाव चिन्ह पर भी की जा रही है। इधर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को हावड़ा और साउथ 24 परगना की एडमिनिस्ट्रेटिव मीटिंग बुलाई जिसमें तृणमूल के 18 विधायक शामिल हुए हैं।
दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की राजनीति में बढ़ती हलचल के बीच तृणमूल कांग्रेस ने संगठन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से राज्य में पार्टी की सभी संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया गया है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब चुनावी प्रदर्शन और पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि विस्तृत विचार-विमर्श के बाद संगठन में व्यापक बदलाव का फैसला लिया गया है। इसके तहत राज्य स्तर से लेकर जमीनी स्तर तक मौजूद सभी संगठनात्मक ढांचे को समाप्त कर दिया गया है। यह निर्णय पार्टी से जुड़े विभिन्न फ्रंटल संगठनों पर भी लागू होगा।
संगठन की होगी व्यापक समीक्षा
तृणमूल कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि संगठन के पुनर्गठन से पहले सभी इकाइयों के कामकाज का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में आत्ममंथन, प्रदर्शन की समीक्षा और संगठनात्मक संरचना का आकलन शामिल रहेगा।
पार्टी यह जांच करेगी कि अलग-अलग स्तरों पर संगठन की कार्यप्रणाली कितनी प्रभावी रही और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। समीक्षा के आधार पर भविष्य की रणनीति तैयार की जाएगी और नए ढांचे का खाका बनाया जाएगा।
नए सिरे से होगा संगठन का गठन
पार्टी नेतृत्व का कहना है कि समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद संगठन को नए स्वरूप में पुनर्गठित किया जाएगा। केवल मुख्य संगठन ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े सभी फ्रंटल संगठनों की संरचना भी दोबारा तैयार की जाएगी।
तृणमूल कांग्रेस के अनुसार नई संगठनात्मक व्यवस्था की घोषणा उचित समय पर की जाएगी। पार्टी का लक्ष्य एक ऐसा ढांचा तैयार करना है जो बदलते राजनीतिक माहौल में अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सके।
क्या है इस फैसले के पीछे की रणनीति?
पार्टी का मानना है कि संगठन को समय-समय पर मजबूत और सक्रिय बनाए रखने के लिए पुनर्गठन जरूरी होता है। व्यापक बदलाव की प्रक्रिया शुरू की गई है। तृणमूल कांग्रेस का उद्देश्य संगठन में नई ऊर्जा का संचार करना और कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह बढ़ाना बताया जा रहा है।
पार्टी नेतृत्व का कहना है कि आने वाले समय में राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय और प्रभावशाली बनाना प्राथमिकता है। इसी दिशा में संगठनात्मक सुधार और पुनर्गठन की पूरी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।