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बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 : क्या बंगाल चुनाव में कट-मनी सबसे बड़ा मुद्दा ? भाजपा घेरने में जुटी, ममता की बढ़ रही बेचैनी

डेस्क। हां, पिछला विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव, हर बार बंगाल में कट मनी का आरोप ममता को चैन से बैठने नहीं देता। भाजपा के लगभग हर नेता अपनी रैलियों में कट-मनी के जरिए टीएमसी पर भ्रष्टाचार का आरोप. . .

डेस्क। हां, पिछला विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव, हर बार बंगाल में कट मनी का आरोप ममता को चैन से बैठने नहीं देता। भाजपा के लगभग हर नेता अपनी रैलियों में कट-मनी के जरिए टीएमसी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हैं। अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बंगाल की रैली में दहाड़ा है कि इन लोगों ने लोगों के सामने, नौजवानों के सामने, बेटी-बहनों के सामने भय का माहौल पैदा किया है। बीजेपी इसे समाप्त करेगी, जो लोग पिछले 15 वर्षों से बंगाल को पहचान के संकट के दौर से गुजारा हो। जिन्होंने बंगाल को टेरर और माफिया का, कट-मनी और करप्शन का अड्डा बना दिया हो, वह टीएमसी अब नहीं चाहिए।
वैसे तो, भ्रष्टाचार की समस्या पूरे देश की है लेकिन बंगाल का जिक्र होते ही कट-मनी सामने आ जाती है। 2019 के चुनाव के समय भी बंगाल के एनजीओ, भाजपा के नेताओं ने आरोप लगाया था कि टीएमसी के पंचायत प्रधान से लेकर बड़े नेता तक कट मनी से कमाते हैं। 2020 में पीएम मोदी ने आरोप लगाया था कि कट मनी बंद हो जाएगी, इसीलिए बंगाल की सरकार केंद्र की योजनाओं को लागू नहीं कर रही है. अब आप जान लीजिए कि कट मनी क्या होती है।

कट मनी कौन लेता है और क्यों ली जाती है?

असल में यह अनौपचारिक (अनऑफिशियल) तरीके से लिया गया कमीशन होता है। बंगाल के स्थानीय नेताओं पर आरोप लगते रहे हैं कि वे अपने इलाके के प्रोजेक्ट्स के लिए सरकारी अनुदान में से कट मनी मांगते हैं। यह कट पूरी तरह से कैश में लिया जाता है जिससे लिया और दिया गया पैसे का कोई लिखित रिकॉर्ड नहीं होता।
इसे उदाहरण से समझिए, अगर सरकार किसी एक्स प्रोजेक्ट के लिए 100 रुपये जारी करती है तो इलाके का नेता जो कई बार चुना जा चुका है, वह कहेगा कि अनुदान पाने में मदद के लिए मैं 25 रुपये चार्ज करूंगा। यह कट मनी जमीनी नेता से लेकर पार्टी के फूड चेन की तरह सीनियर मोस्ट तक जाता है. यह पैसा करोड़ों में भी हो सकता है।
2019 में एक खबर आई थी कि टीएमसी के बूथ अध्यक्ष त्रिलोचन मुखर्जी ने 141 कामगारों से उनकी आठ महीने की पगार से ली गई 2.25 लाख रुपये कट मनी लौटा दी थी। वैसे, कोई यह दावा नहीं कर सकता कि कमीशनखोरी किसी राज्य में पूरी तरह खत्म हो गई है।

इस बार भी भाजपा ने उछाला कट मनी का मुद्दा

पीएम नरेंद्र मोदी (कूच विहार रैली) – इस बार बंगाल में एक ओर TMC के ‘कट मनी’ और ‘करप्शन’ का भय है दूसरी ओर विकास को तेज रफ्तार देने वाली भाजपा का भरोसा है।
गृह मंत्री अमित शाह (बांकुड़ा)- मैं वादा करके जाता हूं पूरे बंगाल से हम ममता की सिंडिकेट को समाप्त कर देंगे। ममता दीदी ने क्या हाल बना कर रखा है? सीमेंट लेना है तो सिंडिकेट को कट मनी दो, पंखा लेना है सिंडिकेट बीच में आ गया। ईंट, बालू लेना है, तो सिंडिकेट बीच में आता है। सिंडिकेट बंगाल की जनता का खून चूसने का शासन बना हुआ है। मैं आज कहकर जाता हूं एक बार ममता को उखाड़ कर भाजपा की सरकार बनाओ, सिंडिकेट को उल्टा लटका कर सीधा करने का काम हम करेंगे।

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