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यूपी में 48 घंटे से आंधी-बारिश का कहर, 13 की मौत; 14 राज्यों में अलर्ट, उत्तराखंड में बर्फबारी और लैंडस्लाइड

मानसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी से उठे मौसम तंत्र के प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और गरज-चमक का. . .

नई दिल्ली: मानसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी से उठे मौसम तंत्र के प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और गरज-चमक का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है और अलग-अलग हादसों में कई लोगों की जान गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

यूपी में बारिश ने बिगाड़े हालात, कई इलाकों में जलभराव

उत्तर प्रदेश में पिछले करीब दो दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ और निचले इलाकों में पानी भर गया। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला भी किया गया है। IMD के मुताबिक, 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश की संभावना है, जबकि 27 सितंबर को भी कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

लखनऊ में सड़कें बनीं तालाब, घरों में घुसा पानी

राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इससे कुछ इलाकों में यातायात और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबर है।

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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हादसा

कन्नौज में खराब मौसम के बीच आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक कार के पलटने की घटना सामने आई। तेज हवा और बारिश के बीच हुए इस हादसे में कार में सवार पांच लोग फंस गए।लगातार बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

बारिश से मौतों का आंकड़ा बढ़ा

उत्तर प्रदेश में बारिश और इससे जुड़े हादसों में 13 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या में अंतर है और प्रशासनिक आंकड़े अपडेट हो सकते हैं। बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए है।

बिहार में भी बारिश और बाढ़ से परेशानी

बिहार में भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। सुपौल में कई गांव बाढ़ की स्थिति से प्रभावित बताए जा रहे हैं। राज्य के कई जिलों में बारिश और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की गई है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में बिहार में भी मौतों की खबर सामने आई है। प्रशासन ने लोगों को नदी, निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।

उत्तराखंड में बारिश के साथ बर्फबारी

मैदानी इलाकों में जहां बारिश ने परेशानी बढ़ाई है, वहीं पहाड़ों पर मौसम का अलग असर देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है।हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ में बर्फबारी की खबर है। वहीं भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है।IMD ने उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है, जबकि 28 सितंबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है।

पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड, सड़क पर फंसी गाड़ियां

पिथौरागढ़ क्षेत्र में भूस्खलन के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। पिथौरागढ़-घाट मार्ग पर लैंडस्लाइड के चलते बड़ी संख्या में वाहन फंसने की सूचना है।पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सड़कें बंद होने और अचानक मलबा आने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां मार्गों को साफ करने में जुटी हैं।

14 राज्यों में मौसम को लेकर अलर्ट

मौसम तंत्र के आगे बढ़ने के साथ उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलावा बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और अन्य राज्यों में भी बारिश, आंधी और गरज-चमक को लेकर चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, अलग-अलग मौसम बुलेटिन में अलर्ट वाले राज्यों की संख्या और चेतावनी का स्तर अलग हो सकता है। इसलिए स्थानीय स्तर पर IMD और प्रशासन की ताजा एडवाइजरी को प्राथमिकता देना जरूरी है।

मानसून की विदाई पर भी पड़ा असर

यह मौसम बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब देश के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आया सिस्टम और अन्य मौसमी परिस्थितियां उत्तर भारत में बारिश के एक और दौर को सक्रिय कर रही हैं। IMD के मौजूदा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रह सकता है। 27 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है, जबकि 28 सितंबर के बाद कई क्षेत्रों में चेतावनी का स्तर कम हो सकता है।

लोगों के लिए जरूरी सावधानी

  • तेज बारिश और आंधी के दौरान खुले इलाकों में जाने से बचें।
  • बिजली गिरने के दौरान पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।
  • जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने से बचें।
  • पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले सड़क की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी जरूर जांचें।
  • मौसम से जुड़ी अफवाहों के बजाय IMD और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर

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