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शेयर बाजार में भारी बिकवाली, सेंसेक्स 1,100 अंक से ज्यादा टूटा; निफ्टी 23,000 के नीचे

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 फीसदी गिरकर 72,771.72. . .

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 फीसदी गिरकर 72,771.72 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 360.25 अंक यानी 1.56 फीसदी टूटकर 22,780.25 पर आ गया।बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली का दबाव रहा। वित्तीय, धातु और रियल एस्टेट क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए। निजी बैंक और ऊर्जा से जुड़े शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। ऑटोमोबाइल, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और रसायन कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे। हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। मीडिया और फार्मा क्षेत्र में भी गिरावट सीमित रही। इसके बावजूद बाजार की व्यापकता नकारात्मक बनी रही और ज्यादातर शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।

ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ी चिंता

बाजार में गिरावट के प्रमुख कारणों में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव शामिल रहा। भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिससे तेल आयात पर निर्भर भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी। इसके अलावा बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और रुपये में कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से पूंजी निकासी ने बिकवाली को और तेज किया। कमजोर वैश्विक संकेतों ने भी घरेलू बाजार की धारणा को प्रभावित किया।

वैश्विक बाजारों में भी दबाव

भारतीय बाजार के साथ प्रमुख वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। एसएंडपी 500 वायदा 0.4 फीसदी नीचे रहा, जबकि नैस्डैक 100 वायदा में 0.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज वायदा 0.3 फीसदी कमजोर रहा। एमएससीआई एशिया प्रशांत सूचकांक में 0.7 फीसदी और एमएससीआई उभरते बाजार सूचकांक में 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, लंदन समयानुसार सुबह 9:18 बजे तक यूरोप के स्टॉक्स यूरोप 600 सूचकांक में 0.5 फीसदी की तेजी देखी गई।

निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम पर

बाजार में मौजूदा दबाव के बीच निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल, विदेशी निवेशकों के प्रवाह और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर बनी हुई है। इन कारकों में आगे होने वाला बदलाव भारतीय शेयर बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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