चेन्नई । तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने राज्य में सरकार बनाने की कवायद शुरू कर दी है। टीवीके प्रमुख विजय ने बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से राजभवन में मुलाकात की। उन्होंने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसी बीच, कांग्रेस ने डीएमके से अपना गठबंधन तोड़कर विजय की पार्टी को समर्थन देने का एलान किया है।
कांग्रेस ने डीएमके से तोड़ा दशकों पुराना नाता
कांग्रेस ने लंबे समय से सहयोगी रही डीएमके से नाता तोड़कर सरकार बनाने के लिए विजय की टीवीके को अपना समर्थन देने की घोषणा की। कांग्रेस ने कहा कि टीवीके प्रमुख विजय के समर्थन मांगने के बाद यह फैसला लिया गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए पार्टी मुख्यालय सत्यमूर्ति भवन में पटाखे फोड़े।
तमिलनाडु कांग्रेस के प्रभारी गिरीश चोडानकर ने कहा, “आज, हम अपने विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ टीवीके नेता विजय से मिले। हमने उन्हें अपना पूरा समर्थन दिया है। समर्थन पत्र देने के बाद, हमने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी और महासचिव वेणुगोपाल जी से बात की। उन्होंने समर्थन के लिए तीनों नेताओं को धन्यवाद दिया। हमें उम्मीद है कि राज्यपाल उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए आमंत्रित करेंगे।”
क्या कांग्रेस के समर्थन से टीवीके बना लेगी सरकार?
तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों (बहुमत) की जरूरत होती है। चुनाव में टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं और अब 5 विधायकों वाली कांग्रेस ने भी उन्हें अपना समर्थन दे दिया है। इन दोनों पार्टियों को मिलाने पर कुल आंकड़ा 113 (108+5) पहुंचता है। इसका सीधा मतलब है कि सिर्फ कांग्रेस के समर्थन भर से टीवीके पूर्ण बहुमत की सरकार नहीं बना सकती है। बहुमत के जादुई आंकड़े (118) तक पहुंचने के लिए टीवीके को अभी भी कम से कम पांच और विधायकों की जरूरत है।