बहरामपुर: पश्चिम बंगाल में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और नाओदा विधायक हुमायूं कबीर अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसे उनके राजनीतिक विरोधियों ने आपत्तिजनक बताया। बयान के बाद बहरामपुर थाने में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब राज्य में रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री पर की टिप्पणी
रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुमायूं कबीर ने राज्य सरकार और पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के लिए जल्द दुनिया से चले जाने की दुआ करने की बात कही। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने सत्ता और अहंकार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री को लेकर विवादित टिप्पणी की। कबीर ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यक समुदाय को परेशान किया जा रहा है। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
बयान के बाद बहरामपुर थाने में FIR
कबीर की टिप्पणी सामने आने के बाद उनके खिलाफ बहरामपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई। मामले में पुलिस की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।विवाद के बीच कबीर ने बाद में अपने बयान का रुख बदलते हुए शुभेंदु अधिकारी के लंबे जीवन की कामना करने की बात कही। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने यह भी कहा कि वह भविष्य में अधिकारी को देश का प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं।
इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का भी किया जिक्र
अपने बयान के दौरान हुमायूं कबीर ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी समेत कुछ अन्य प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की मौतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन घटनाओं को अपने राजनीतिक तर्क के संदर्भ में पेश किया। इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विरोधियों की ओर से आपत्ति जताई गई है। बीजेपी के रेजीनगर उम्मीदवार शाखारव सरकार ने बयान की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया।
ममता बनर्जी का भी किया जिक्र
कबीर ने अपने पुराने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जुड़े घटनाक्रम की भी बात की। उन्होंने दावा किया कि जब उन्हें तृणमूल कांग्रेस से बाहर किया गया था, तब उन्होंने ममता बनर्जी के सत्ता से हटने की दुआ की थी और बाद में उनकी दुआ पूरी हुई। यह बयान भी उनके मौजूदा राजनीतिक विवाद का हिस्सा बन गया है।
रेजीनगर उपचुनाव के बीच बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
हुमायूं कबीर का यह बयान रेजीनगर उपचुनाव से पहले आया है। कबीर की पार्टी ने इस चुनाव में उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है। हाल के दिनों में कबीर ने प्रशासनिक कार्रवाई और पार्टी कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव प्रचार से दूरी बनाने की बात कही थी। वहीं, कबीर इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं और इस साल पुलिस ने उनके कुछ अन्य बयानों के संबंध में भी पूछताछ के लिए उन्हें तलब किया था।
बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज
इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की चुनावी राजनीति में बयानबाजी को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ कबीर ने पुलिस कार्रवाई और सरकार के रवैये पर सवाल उठाए हैं, वहीं उनके विरोधी उनके बयान को राजनीतिक और सार्वजनिक मर्यादा के खिलाफ बता रहे हैं। फिलहाल FIR दर्ज होने के बाद मामले का कानूनी पक्ष पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।