नई दिल्ली/कोलकाता। बंगाली नववर्ष यानी ‘पोइला बैसाख’ के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल वासियों को विशेष संदेश भेजा है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में राजनीति से पूरी तरह दूरी बनाए रखी और केवल भाईचारे, संस्कृति और समृद्धि पर ध्यान केंद्रित किया।
बांग्ला और अंग्रेजी में साझा किया संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से बांग्ला और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में पोस्ट कर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “शुभ नबोबोरशो! आनंद और भाईचारे की भावना हमेशा बनी रहे। मैं प्रार्थना करता हूं कि नया साल सभी के जीवन में खुशियां और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए और सबकी मनोकामनाएं पूरी हों।”
बंगाल की सांस्कृतिक विरासत की सराहना
पीएम मोदी ने भारतीय सभ्यता के निर्माण में पश्चिम बंगाल के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह अवसर बंगाल की उस कालजयी सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाने का है, जिसने भारत की चेतना को गढ़ा है। उनके पोस्ट के साथ साझा की गई तस्वीरों में भी बंगाल की परंपरा और बंगाली नववर्ष की झलक साफ दिखाई दी।
सियासत से परे रहा प्रधानमंत्री का रुख
दिलचस्प बात यह रही कि जहां एक ओर राज्य में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है, वहीं प्रधानमंत्री का यह संदेश पूरी तरह अराजनीतिक था। उन्होंने अपने पोस्ट में न तो आगामी चुनावों का जिक्र किया और न ही किसी राजनीतिक विवाद का। वहीं दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी वीडियो संदेश के जरिए बधाई दी, लेकिन उनके संदेश में राजनीतिक रंग साफ नजर आया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय उपेक्षा और लोकतंत्र के उत्सव जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए भाजपा पर निशाना भी साधा। हालांकि, प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन को केवल सांस्कृतिक गरिमा और शुभकामनाओं तक ही सीमित रखा।