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मोदी फ्रांस-स्लोवाकिया की 6 दिन की यात्रा पर रवाना : G7 समिट में सबसे ज्यादा 7वीं बार शामिल होने वाले पहले भारतीय पीएम होंगे; ट्रम्प से मुलाकात संभव

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की एक सप्ताह की यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरान वह जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और विभिन्न द्विपक्षीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ चर्चा करेंगे।यात्रा. . .

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की एक सप्ताह की यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरान वह जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और विभिन्न द्विपक्षीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ चर्चा करेंगे।
यात्रा पर रवाना होने से पहले मोदी ने एक वक्तव्य में कहा कि भारत की रणनीतिक दूरदृष्टि में फ्रांस का एक खास स्थान है, जबकि स्लोवाकिया की उनकी यात्रा एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है और यह दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों को और आगे बढ़ाएगी। यह 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की पहली यात्रा होगी।
मोदी ने कहा, ‘‘भारत की रणनीतिक दूरदृष्टि में फ्रांस का खास स्थान है। इसी वर्ष राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत आए थे और हमने अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं नीस में राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात करूंगा, तब हम फरवरी के बाद हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और सहयोग के अगले चरणों की रूपरेखा तय करेंगे। मैं परस्पर हितों के महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा के लिए उत्सकु हूं।’’

जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी,

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ ब्रातिस्लावा में चर्चा को लेकर उत्साहित हैं। मोदी ने कहा कि फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी, भारत के प्रति उसके साझेदार देशों के विश्वास और उसकी बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाती है। उन्होंने कहा, ‘‘यह लगातार आठवां जी-7 शिखर सम्मेलन है, जिसमें भारत को आमंत्रित किया गया है। जी-7 में भारत केवल अपनी बात ही नहीं रखेगा, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ की आकांक्षाओं को भी आवाज देगा।’’

राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात हो सकती

मोदी 16 जून को पेरिस लौट आएंगे। यहां एवियन शहर में होने वाले 17 जून को G7 समिट में हिस्सा लेंगे। समिट में वैश्विक अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, नई साझेदारियों और AI के मुद्दे पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की कई वर्ल्ड लीडर्स समेत अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात हो सकती है।

G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं?

G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। ये देश हैं- अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी। पहले इसका नाम G-8 हुआ करता था। 2014 में रूस ने पड़ोसी देश क्रीमिया पर कब्जा कर लिया तो बाकी सदस्य देशों ने रूस को ग्रुप से बाहर कर दिया। इसका नाम G7 हो गया।
G7 समिट के लिए आमतौर पर भारतीय प्रधानमंत्रियों को बुलाया जाता रहा है। 2004 से 2014 तक पीएम रहे मनमोहन सिंह ने पांच बार G-8 समिट में हिस्सा लिया था।
पीएम मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में हुई समिट में बुलाया गया था। इसके बाद 2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन अमेरिका ने तब समिट रद्द कर दी। इस एक साल को छोड़ दें तो 2019 से 2024 तक हर साल पीएम मोदी G7 समिट में शामिल हुए। 2021 में वे वर्चुअल मीडियम से इसमें शामिल हुए।
2022 में जर्मनी, 2023 में जापान और 2024 में इटली में हुई G7 समिट में शामिल हुए। 2025 में कनाडा में हुई समिट में शामिल हुए।

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