Home » खेल » विराट कोहली का विराट कारनामा : ODI में सबसे तेज 15,000 रन, सचिन के दो बड़े रिकॉर्ड तोड़े; जीत के बाद बताया कामयाबी का राज

विराट कोहली का विराट कारनामा : ODI में सबसे तेज 15,000 रन, सचिन के दो बड़े रिकॉर्ड तोड़े; जीत के बाद बताया कामयाबी का राज

विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में एक बार फिर साबित कर दिया कि रिकॉर्ड उनका पीछा करते हैं। तिरुवनंतपुरम में खेले गए मुकाबले में कोहली ने शानदार नाबाद शतक लगाते हुए न सिर्फ वनडे क्रिकेट में 15,000. . .

नई दिल्ली: विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में एक बार फिर साबित कर दिया कि रिकॉर्ड उनका पीछा करते हैं। तिरुवनंतपुरम में खेले गए मुकाबले में कोहली ने शानदार नाबाद शतक लगाते हुए न सिर्फ वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे किए, बल्कि इस मुकाम तक सबसे कम पारियों में पहुंचने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। कोहली ने 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने अपना 55वां वनडे शतक भी पूरा किया। भारत ने 296 रन के लक्ष्य को महज 41.4 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया।

303 पारियों में 15 हजार रन, सचिन का रिकॉर्ड टूटा

विराट कोहली ने अपनी पारी के दौरान अल्जारी जोसेफ की गेंद पर छक्का लगाकर वनडे में 15,000 रन पूरे किए। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले सिर्फ सचिन तेंदुलकर ने वनडे में 15 हजार से ज्यादा रन बनाए थे। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कोहली ने सचिन से काफी कम पारियां खेलीं।

  • विराट कोहली: 303 पारियों में 15,000 रन
  • सचिन तेंदुलकर: 377 पारियों में 15,000 रन

इस तरह कोहली ने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 15,000 रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

नॉन-एशियाई टीमों के खिलाफ भी बनाया बड़ा रिकॉर्ड

वेस्टइंडीज के खिलाफ अर्धशतक पूरा करते ही कोहली ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। नॉन-एशियाई टीमों के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने के मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया। कोहली के नाम अब नॉन-एशियाई टीमों के खिलाफ 96 फिफ्टी-प्लस स्कोर हो गए हैं। यानी एक ही पारी के दौरान कोहली ने अपने नाम दो बड़े आंकड़े जोड़ लिए—15,000 वनडे रन और नॉन-एशियाई टीमों के खिलाफ सर्वाधिक 50+ स्कोर।

74 गेंदों में शतक, 9 छक्कों ने मचाया तहलका

कोहली ने अपनी पारी में शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने महज 40 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद रन बनाने की रफ्तार और बढ़ा दी। उन्होंने 74 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह उनके वनडे करियर का 55वां शतक रहा। इसके बाद भी कोहली नहीं रुके और अंत तक बल्लेबाजी करते हुए 139 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनकी पारी में 9 छक्के शामिल रहे, जिसने भारत के रन चेज को बेहद आसान बना दिया।

शुभमन गिल ने भी जड़ा शतक

भारत की जीत में कप्तान शुभमन गिल का योगदान भी बेहद महत्वपूर्ण रहा। गिल ने शानदार 110 रन की पारी खेली। गिल और कोहली के बीच हुई बड़ी साझेदारी ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों बल्लेबाजों की शतकीय पारियों की बदौलत भारत ने 296 रन के लक्ष्य को सिर्फ 41.4 ओवर में हासिल कर लिया। भारत ने मुकाबला 8 विकेट से जीता और तीन मैचों की वनडे सीरीज में बढ़त बना ली।

जीत के बाद कोहली ने बताया कामयाबी का सीक्रेट

मैच के बाद जब विराट कोहली से उनकी लगातार सफलता और इतने लंबे समय तक उच्च स्तर पर प्रदर्शन करने का राज पूछा गया, तो उनका जवाब काफी दिलचस्प था। कोहली ने बताया कि वह कभी भी जरूरत से ज्यादा अभ्यास करने वाले खिलाड़ी नहीं रहे। उनके लिए घंटों अभ्यास करने से ज्यादा महत्वपूर्ण अपने खेल को समझना और अपनी क्षमताओं को पहचानना रहा है। उनके मुताबिक, एक बल्लेबाज के तौर पर यह समझना जरूरी है कि उसकी ताकत क्या है और मैच की परिस्थितियों में उसका सही इस्तेमाल कैसे किया जाए।

‘मैं बहुत ज्यादा अभ्यास करने वाला खिलाड़ी नहीं रहा’

कोहली ने अपनी सफलता के पीछे खेल की समझ, फिटनेस और मानसिक ताजगी को महत्वपूर्ण बताया। उनका मानना है कि शरीर का फिट रहना इसलिए जरूरी है ताकि मैदान पर अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि लंबे करियर में लगातार प्रदर्शन करने के लिए मानसिक रूप से तरोताजा रहना जरूरी है। हर मैच में उसी ऊर्जा और एकाग्रता के साथ उतरना आसान नहीं होता, इसलिए शारीरिक और मानसिक संतुलन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

रिकॉर्ड से ज्यादा टीम के लिए योगदान पर जोर

15,000 वनडे रन और 55 शतक जैसे आंकड़े अब विराट कोहली के करियर का हिस्सा हैं, लेकिन उनके मुताबिक ये रिकॉर्ड कभी उनका मुख्य लक्ष्य नहीं रहे। कोहली ने कहा कि उनका ध्यान हमेशा मैच की परिस्थितियों को समझने और टीम के लिए जरूरी योगदान देने पर रहा है। भारत के लिए इतने लंबे समय तक खेलने को वह अपने लिए सौभाग्य मानते हैं। उनके मुताबिक, प्रशंसकों से मिलने वाला प्यार भी उनके सफर को खास बनाता है। भारत के लिए खेलना आज भी उनके लिए गर्व और सपने जैसा अनुभव है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ पारी में दिखी वही सोच

वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली की 139 रन की पारी को उनके इसी क्रिकेट दर्शन का उदाहरण माना जा सकता है। उन्होंने शुरुआत में आक्रामक बल्लेबाजी की, लेकिन जरूरत के मुताबिक अपने खेल को बदला और जोखिम तथा नियंत्रण के बीच संतुलन बनाए रखा। नतीजा यह रहा कि उन्होंने एक ही मैच में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए और भारत को आसान जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

कोहली के रिकॉर्ड की लंबी होती फेहरिस्त

वनडे क्रिकेट में विराट कोहली पहले ही कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। अब 15,000 रन के क्लब में शामिल होने के साथ उनके करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। उनकी इस पारी ने यह भी दिखाया कि रिकॉर्ड के पीछे भागने के बजाय परिस्थितियों के मुताबिक बल्लेबाजी करने की उनकी रणनीति कितनी प्रभावी रही है। कोहली के लिए आंकड़े भले ही उपलब्धियों की सूची बढ़ाते रहें, लेकिन उनके अपने शब्दों में प्राथमिकता अब भी वही है—टीम के लिए सही समय पर सही योगदान देना।

Web Stories
 
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम