नागोया: एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए बुधवार का दिन बेहद खास रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक के बाद एक तीन गोल्ड मेडल अपने नाम किए। तीरंदाजी के महिला कंपाउंड टीम और मिक्स्ड टीम इवेंट के बाद शूटिंग में भी भारत ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। नीरू ढांडा और किनान चेनाई की जोड़ी ने मिक्स्ड ट्रैप टीम इवेंट में भारत को दिन का तीसरा गोल्ड दिलाया। इन शानदार नतीजों के बाद भारत की मेडल टैली में भी इजाफा हुआ है। भारत अब तक 57 पदक जीत चुका है, जिसमें 9 गोल्ड, 21 सिल्वर और 27 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
तीरंदाजी में भारत का दबदबा, महिला टीम ने जीता गोल्ड
दिन की शुरुआत भारत के लिए तीरंदाजी में गोल्ड मेडल से हुई। ज्योति सुरेखा, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने फाइनल में चीन को 238-234 के स्कोर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम ने पूरे मुकाबले में शानदार नियंत्रण बनाए रखा और लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स के कंपाउंड इवेंट में गोल्ड जीतने का गौरव हासिल किया।
भारतीय टीम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की
फाइनल में भारत ने 238 अंक हासिल किए। इस स्कोर के साथ भारतीय महिला टीम ने कंपाउंड आर्चरी के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। यह रिकॉर्ड इससे पहले दक्षिण कोरिया के नाम था, जिसने 2014 में 238 अंक का स्कोर बनाया था।
साहिल-चिकिता ने शूट-ऑफ में दिलाया दूसरा गोल्ड
इसके बाद कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में भी भारत ने बाजी मारी। साहिल राजेश जाधव और चिकिता तनिपार्थी की जोड़ी ने बेहद रोमांचक मुकाबले में गोल्ड मेडल जीता। फाइनल में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और मुकाबला शूट-ऑफ तक पहुंच गया। दबाव के क्षणों में भारतीय जोड़ी ने बेहतर निशाना लगाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया। यह चिकिता तनिपार्थी का एशियन गेम्स 2026 में दूसरा गोल्ड है, जबकि साहिल राजेश जाधव ने अपना पहला एशियन गेम्स स्वर्ण पदक जीता।
शूटिंग में नीरू-किनान की शानदार वापसी, भारत को तीसरा गोल्ड
दिन का तीसरा स्वर्ण पदक शूटिंग के मिक्स्ड ट्रैप टीम इवेंट से आया। नीरू ढांडा और किनान चेनाई की भारतीय जोड़ी ने फाइनल में शानदार वापसी करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।क्वालिफिकेशन में भारत 136 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहा था। चीन, कतर और ईरान उससे आगे थे। फाइनल में भी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहली सीरीज में भारत ने 10 में से सिर्फ 6 निशाने सही लगाए और टीम उस समय आखिरी स्थान पर थी। लेकिन इसके बाद नीरू और किनान ने मुकाबले का रुख ही बदल दिया।
हर राउंड के साथ मजबूत होता गया भारत
पहले 10 शॉट के बाद कतर 7 अंकों के साथ आगे था, जबकि चीन, ईरान और भारत के खाते में 6-6 अंक थे। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने जबरदस्त वापसी की। नीरू और किनान ने अपने पांचों निशानों को सही जगह लगाया और भारत ने अगले राउंड में बढ़त बनानी शुरू कर दी।
20 शॉट के बाद:
- कतर — 16 अंक
- भारत — 16 अंक
- चीन — 14 अंक
- ईरान — 12 अंक
इसके बाद चीन और ईरान पदक की दौड़ से बाहर हो गए और मुकाबला भारत तथा कतर के बीच सिमट गया। 30 शॉट के बाद भारत के 26 अंक थे, जबकि कतर 24 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर था। अंतिम दौर में भी भारतीय जोड़ी ने संयम बनाए रखा और आखिरकार एक अंक के अंतर से गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। कतर को सिल्वर और चीन को ब्रॉन्ज मिला। यह नीरू ढांडा का एशियन गेम्स 2026 में दूसरा गोल्ड मेडल है। उन्होंने इससे एक दिन पहले भी ट्रैप शूटिंग में स्वर्ण पदक जीता था।
लवलीना बोरगोहे महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कजाखस्तान की नताल्या बोगदानन फाइनल में, गोल्ड के लिए होगी टक्कर
बॉक्सिंग में भी भारत के लिए बड़ी खबर आई। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कजाखस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 के स्प्लिट डिसिजन से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। पहले राउंड में पिछड़ने के बावजूद लवलीना ने दूसरे और तीसरे राउंड में वापसी की।वलीना इससे पहले भी एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंच चुकी हैं। अब उनके पास इस बार अपने पदक इस जीत के साथ उनका कम से कम सिल्वर मेडल पक्का हो गया है। लवलीना इससे पहले भी एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंच चुकी हैं। अब उनके पास इस बार अपने पदक का रंग बदलकर गोल्ड हासिल करने का मौका है।
प्रिया घंघास को ब्रॉन्ज से करना पड़ा संतोष
महिला 60 किग्रा बॉक्सिंग सेमीफाइनल में भारत की प्रिया घंघास को चीन की यांग चेंगयू के खिलाफ 1-4 से हार का सामना लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके। दूसरी ओर, चीनी बॉक्सर ने मजबूत डिफेंस के साथ भारतीय मुक्केबाज के हमलों को रोकते हुए मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी करना पड़ा। प्रिया ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की, लेकिन उनके कई पंच लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके। दूसरी ओर, चीनी बॉक्सर ने मजबूत डिफेंस के साथ भारतीय मुक्केबाज के हमलों को रोकते हुए मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी। सेमीफाइनल में हार के बावजूद प्रिया के नाम ब्रॉन्ज मेडल पक्का हुआ।
जूडो में अस्मिता डे की मेडल पर नजर
कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन अस्मिता डे ने जूडो में ब्रॉन्ज मेडल की उम्मीद कायम रखी है। उन्होंने रेपेचेज मुकाबले में हांगकांग की वोंग का ली को युको के जरिए हराकर कांस्य पदक मुकाबले में जगह बनाई। अब अस्मिता का सामना ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में मंगोलिया की गनबातारिन नारंतसेत्सेग से होगा।
कुश्ती में निशा का सफर खत्म
महिला 48 किग्रा कुश्ती वर्ग में भारत की निशा को रेपेचेज मुकाबले में दक्षिण कोरिया की पार्क ह्योनयॉन्ग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। निशा ने मुकाबले की शुरुआत बढ़त के साथ की थी और दूसरे राउंड में भी कुछ अंक हासिल किए, लेकिन पार्क ने उन्हें फॉल के जरिए मात दे दी। कोरियाई पहलवान ने मुकाबला 5-0 से अपने नाम किया। इस हार के साथ निशा का एशियन गेम्स 2026 में अभियान समाप्त हो गया।
एक दिन में तीन गोल्ड से भारत की मेडल टैली को बड़ा फायदा
बुधवार को तीरंदाजी और शूटिंग में मिले तीन स्वर्ण पदकों ने भारत के अभियान को नई मजबूती दी है। महिला कंपाउंड टीम ने चीन को हराकर गोल्ड जीता, साहिल-चिकिता की जोड़ी ने शूट-ऑफ में मिक्स्ड टीम का खिताब हासिल किया और फिर नीरू ढांडा-किनान चेनाई ने ट्रैप मिक्स्ड टीम में शानदार वापसी करते हुए भारत की झोली में दिन का तीसरा गोल्ड डाल दिया। 57 पदकों के साथ भारत की नजर अब आगे और पदक जोड़ने पर है। बॉक्सिंग, जूडो और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की चुनौती अभी जारी है।