चुनाव आयोग तक मार्च रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने लगाए बैरिकेड, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR वापस लेने की मांग
नई दिल्ली: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को दिल्ली में तेज हो गया। विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग मुख्यालय निर्वाचन सदन की ओर मार्च करने निकले। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर मार्च को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। मार्च के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़ गए और हाथ में तिरंगा लेकर उसे लहराया। इस दौरान विपक्षी नेताओं और समर्थकों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के बीच ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे भी सुनाई दिए।
चुनाव आयोग तक पहुंचने की कोशिश, पुलिस ने रोका मार्च
INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च का ऐलान किया था। प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। संसद और चुनाव आयोग कार्यालय के आसपास कई जगहों पर बैरिकेड लगाए गए और पुलिस तथा केंद्रीय सशस्त्र बलों की तैनाती की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, मार्च को चुनाव आयोग के कार्यालय तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों ने सड़क पर धरना दिया।
विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने प्रदर्शन के दौरान विपक्ष की प्रमुख मांगों को सामने रखा। उनके मुताबिक, विपक्ष की मांग है कि:
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
- विवादित आदेश को वापस लिया जाए।
- चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं।
रंजीत रंजन ने मतदाता सूची और Form 6 से जुड़े विवाद का हवाला देते हुए इसे बड़ी संख्या में मतदाताओं और उनके मतदान के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक विपक्ष अपना आंदोलन जारी रखेगा।
SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग आम संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इससे पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकतेने-सामने
INDIA ब्लॉक का मुख्य विरोध SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इससे पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण पात्र मतदाताओं को शामिल करने और अपात्र या डुप्लीकेट नामों को हटाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी कानूनी विवाद चल रहा है।
सौगत रॉय ने भी उठाई ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
TMC सांसद सौगत रॉय ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग दोहराई। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्ष की आपत्तियों का जिक्र किया और कहा कि विपक्ष अपनी मांगों पर कायम है।
इकरा हसन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने भी चुनाव आयोग के फैसलों और कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष की आपत्तियां दोहराईं। उन्होंने आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया को लेकर सामने आए विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष पहले से ही इन मुद्दों को उठाता रहा है। हालांकि, विपक्ष द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों को चुनाव आयोग और भाजपा ने स्वीकार नहीं किया है। चुनाव आयोग ने अपनी निर्णय प्रक्रिया का बचाव किया है, जबकि भाजपा ने विपक्ष के आंदोलन को राजनीतिक विरोध बताया है।
मनोज झा का तंज- ‘ज्ञानेश उनके हैं’
RJD सांसद मनोज झा ने भी मार्च के दौरान चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष हर संभव कोशिश करेगा कि चुनाव आयोग के कार्यालय तक पहुंच सके। ज्ञानेश कुमार को लेकर तंज कसते हुए मनोज झा ने कहा, “गणेश जी सबके हैं, ज्ञानेश उनके हैं।” उनका इशारा सत्तारूढ़ भाजपा की ओर था।
राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ अभियान
INDIA ब्लॉक के इस मार्च को विपक्ष ने ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ नाम दिया है। इससे पहले राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता मतदाता सूची और Form 6 से जुड़े बदलावों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता के अधिकारों की रक्षा जरूरी है।
दिल्ली में भारी सुरक्षा, कई रास्तों पर बैरिकेडिंग
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। संसद, जंतर-मंतर और निर्वाचन सदन की ओर जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से भी चुनाव आयोग के खिलाफ अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शन हो रहे हैं। पुलिस ने कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए हैं और कुछ मामलों में FIR भी दर्ज की गई हैं।
अब आगे क्या?
INDIA ब्लॉक का यह मार्च चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच हुआ है। विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को वापस लेने की मांग पर कायम है, जबकि चुनाव आयोग अपने फैसलों और प्रक्रिया का बचाव कर रहा है। फिलहाल मार्च को निर्वाचन सदन तक पहुंचने से रोक दिया गया है। अब नजर इस बात पर है कि विपक्ष आगे आंदोलन को किस रूप में जारी रखता है और चुनाव आयोग इन राजनीतिक मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देता है।