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SIR पर सियासी संग्राम तेज: केरल के कांग्रेस नेता का पुराना बयान लेकर BJP ने राहुल गांधी को घेरा, जानिए पूरा विवाद

मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव लगातार तेज हो रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर. . .

नई दिल्ली, 25 सितंबर 2026: मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव लगातार तेज हो रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इसके जवाब में बीजेपी ने अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला के एक पुराने बयान को सामने रखकर राहुल गांधी के मौजूदा रुख पर सवाल खड़े किए हैं। बीजेपी का तर्क है कि केरल में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने चुनाव के बाद SIR को फर्जी और डुप्लीकेट मतदाताओं को हटाने के संदर्भ में उपयोगी बताया था, जबकि अब पार्टी नेतृत्व इसी प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। हालांकि, यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय है और चेन्निथला के पुराने बयान तथा राहुल गांधी के मौजूदा रुख के बीच संदर्भ का अंतर भी ध्यान में रखना जरूरी है।

राहुल गांधी ने 24 सितंबर को क्या कहा?

राहुल गांधी ने 24 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवाल गंभीर हैं। उन्होंने चुनावआयुक्तों के बीच कथित मतभेदों से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट का भी हवाला दिया। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर चुनाव आयोग के भीतर उठे सवालों से संबंधित जानकारी सामने आती है तो इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार से कथित तौर पर ‘गवाह’ बनने की अपील भी की। यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया जिसमें चुनाव आयोग के दो सदस्यों द्वारा SIR समेत कुछ फैसलों पर आपत्तियां जताए जाने का दावा किया गया था। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन खबरों के बीच कहा कि बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग राय और टिप्पणियां आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा SIR समेत उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

BJP ने चेन्निथला का कौन-सा बयान उठाया?

बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला का एक वीडियो साझा किया है। इसमें चेन्निथला कथित तौर पर केरल में SIR के प्रभाव का जिक्र करते हुए इसे कांग्रेस के लिए मददगार बताते नजर आते हैं। यह बयान केरल विधानसभा चुनाव के बाद का बताया जा रहा है। भंडारी ने इसी बयान को आधार बनाकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उनका दावा है कि कांग्रेस जब अपने पक्ष में SIR के प्रभाव की बात कर रही थी, तब अब उसी प्रक्रिया पर सवाल उठाना विरोधाभास है।

चेन्निथला ने क्या कहा था?

बीजेपी द्वारा साझा किए गए वीडियो के अनुसार, चेन्निथला ने कहा था कि केरल में SIR पार्टी के लिए मददगार साबित हुआ क्योंकि कांग्रेस के पास जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन था। उन्होंने मतदाता सूची में कथित फर्जी और मृत लोगों के नामों का भी जिक्र किया और दावा किया कि ऐसे नाम हटाए गए। हालांकि, इन बयानों को मौजूदा राष्ट्रीय SIR विवाद के संदर्भ में पेश करते समय यह अंतर महत्वपूर्ण है कि एक नेता का किसी राज्य में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के प्रभाव पर बयान और वर्तमान SIR प्रक्रिया पर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक आपत्तियां एक ही विषय के अलग संदर्भ हो सकते हैं।

BJP का राहुल गांधी पर हमला

बीजेपी ने चेन्निथला के बयान को राहुल गांधी के मौजूदा रुख के साथ जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि कांग्रेस केरल में SIR को अपने लिए फायदेमंद बता चुकी है और अब राष्ट्रीय स्तर पर उसी प्रक्रिया का विरोध कर रही है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस का रुख राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बदल रहा है। वहीं, बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए चुनाव आयोग की प्रक्रिया का बचाव किया। उन्होंने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया कानूनी ढांचे के तहत चल रही है और कांग्रेस की चुनावी चुनौतियों के लिए केवल चुनाव आयोग को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

SIR को लेकर कांग्रेस का मौजूदा रुख क्या है?

कांग्रेस फिलहाल SIR को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठा रही है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है और प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। हालिया बयानों में कांग्रेस ने SIR को लेकर केंद्रीय सरकार और चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा है। राहुल गांधी ने भी चुनाव आयोग को मतदाता के वोट की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार संस्था बताते हुए प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

चुनाव आयोग का क्या कहना है?

विवाद के बीच चुनाव आयोग ने कथित आंतरिक मतभेदों को लेकर सामने आई रिपोर्ट पर सफाई दी है। आयोग के अनुसार, बहु-सदस्यीय संस्थाओं में अलग-अलग राय और टिप्पणियां होना सामान्य है और इन्हें निर्णय में असहमति के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। आयोग ने कहा कि SIR से जुड़े फैसले सभी तीन चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए। यही बिंदु मौजूदा विवाद का अहम हिस्सा है—एक तरफ विपक्ष आयोग की कार्यप्रणाली और SIR पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ आयोग अपने निर्णयों को सर्वसम्मत और प्रक्रिया को संस्थागत व्यवस्था का हिस्सा बता रहा है।

अब मुद्दा सिर्फ SIR नहीं, सियासी नैरेटिव का भी है

SIR को लेकर विवाद अब मतदाता सूची के पुनरीक्षण से आगे बढ़कर राजनीतिक नैरेटिव की लड़ाई में बदल गया है। कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता और प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, जबकि बीजेपी विपक्ष के पुराने बयानों को सामने रखकर उसके मौजूदा विरोध पर सवाल उठा रही है। चेन्निथला का पुराना बयान इसी राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है। बीजेपी इसे राहुल गांधी के मौजूदा रुख के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है, जबकि SIR की मौजूदा प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस की आपत्तियां अलग संदर्भ में हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि SIR से जुड़े तथ्य, मतदाता सूची में हुए बदलाव और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर कौन-सी आधिकारिक जानकारी सामने आती है। फिलहाल दोनों प्रमुख दल अपने-अपने दावों और पुराने बयानों के आधार पर एक-दूसरे पर राजनीतिक हमला कर रहे हैं।

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