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SIR विवाद के बीच PM मोदी की बड़ी अपील: ‘जनगणना हम सबका राष्ट्रीय दायित्व’, 32 करोड़ से ज्यादा परिवारों की जानकारी दर्ज

देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील की।. . .

नई दिल्ली: देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील की। ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने बताया कि देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है और अब तक 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने जनगणना को केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के भविष्य की योजना तैयार करने से जुड़ा राष्ट्रीय दायित्व बताया। उन्होंने लोगों से अपनी और अपने परिवार की सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की।

‘देश की एक बहुत बड़ी तस्वीर तैयार हो रही है’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समय देश की एक बड़ी तस्वीर तैयार की जा रही है, जिसमें प्रत्येक नागरिक, परिवार और उसके आसपास रहने वाले लोगों की जानकारी शामिल है। उन्होंने कहा कि जनगणना से मिलने वाली सटीक जानकारी देश की सामाजिक और जनसांख्यिकीय स्थिति को समझने तथा भविष्य की नीतियां और योजनाएं तैयार करने में मदद करती है।

32 करोड़ से ज्यादा परिवारों की जानकारी दर्ज

पीएम मोदी के मुताबिक, जनगणना के पहले चरण के दौरान अब तक 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहला चरण लगभग पूरा हो गया है। हालांकि, देश के कुछ दुर्गम और बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना का काम अभी भी जारी है।

बर्फीले और दुर्गम इलाकों में भी जारी है जनगणना

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के दुर्गम क्षेत्रों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद इन इलाकों में गणनाकर्मी अपना काम कर रहे हैं और वहां से कई प्रेरक अनुभव सामने आए हैं।

माणा गांव से शुरू हुई जनगणना की कहानी

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में जनगणना की शुरुआत माणा गांव से हुई, जिसे देश का पहला गांव कहा जाता है। उन्होंने बताया कि माणा में जनगणना की शुरुआत 83 वर्षीय पूर्णिमा रावत से हुई। प्रधानमंत्री ने उत्तरकाशी के बगोरी गांव के होमस्टे संचालक हरदेव सिंह राणा का भी उदाहरण दिया, जिन्होंने डिजिटल माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज की।

मोबाइल से घर बैठे कर सकते हैं ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’

प्रधानमंत्री ने देशवासियों को जनगणना की स्व-गणना यानी Self Enumeration सुविधा के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोग अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर खुद और अपने परिवार से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह सुविधा हिंदी समेत 16 भाषाओं में उपलब्ध होने की बात प्रधानमंत्री ने कही।

15 से 20 मिनट में पूरी हो सकती है प्रक्रिया

प्रधानमंत्री के मुताबिक, ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया में लगभग 15 से 20 मिनट लगते हैं। इसके लिए व्यक्ति को जनगणना पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा, अपना स्थान दर्ज करना होगा और परिवार से संबंधित जानकारी भरकर उसे सबमिट करना होगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में किसी दस्तावेज को अपलोड करने की जरूरत नहीं है।

जानकारी भरने के बाद मिलेगी विशेष ID

प्रधानमंत्री ने बताया कि ऑनलाइन जानकारी जमा करने के बाद नागरिक को एक विशेष ID मिलेगी। जब गणनाकर्मी संबंधित घर पर पहुंचेंगे, तो नागरिक यह ID उन्हें बता सकता है। जानकारी की पुष्टि होने के बाद इसे जनगणना प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

2.60 करोड़ से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन दी जानकारी

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि अब तक 2 करोड़ 60 लाख से अधिक लोग मोबाइल के जरिए जनगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर चुके हैं। उन्होंने देशवासियों से भी इस सुविधा का इस्तेमाल करने की अपील की।

‘आपकी सही जानकारी, देश के भविष्य की सही तस्वीर’

प्रधानमंत्री ने कहा कि जनगणना में नागरिकों द्वारा दी गई सही जानकारी देश के भविष्य की बेहतर तस्वीर तैयार करने में मदद करेगी। उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि जनगणना के लिए थोड़ा समय निकालना केवल व्यक्तिगत जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य से जुड़ी प्रक्रिया में भागीदारी है।

SIR विवाद के बीच जनगणना का मुद्दा क्यों अहम?

SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच चल रही बहस के बीच प्रधानमंत्री का जनगणना को लेकर यह संदेश आया है। हालांकि जनगणना और मतदाता सूची का SIR अलग-अलग प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं, दोनों में नागरिकों और परिवारों से संबंधित जानकारी के महत्व के कारण मौजूदा राजनीतिक माहौल में इनका जिक्र एक साथ हो रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जनगणना को लेकर नागरिकों की भागीदारी और सही जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

PM मोदी की अपील का सार

प्रधानमंत्री के संदेश का मुख्य फोकस तीन बातों पर रहा—

  • जनगणना में नागरिकों की भागीदारी।
  • परिवार की सही जानकारी दर्ज कराना।
  • उपलब्ध ऑनलाइन स्व-गणना सुविधा का इस्तेमाल करना।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनसंख्या और सामाजिक स्थिति की सटीक तस्वीर तैयार करने में प्रत्येक परिवार की सही जानकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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