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दार्जिलिंग में बारिश का कहर: अस्पताल के पास भूस्खलन, मरीजों को सुरक्षित निकाला गया; बंगाल से ओडिशा-आंध्र तक अलर्ट

पूर्वी भारत में मानसून की सक्रियता और ओडिशा के अंदरूनी हिस्सों के ऊपर बने डिप्रेशन के कारण कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। सबसे ज्यादा चिंता उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों, खासकर दार्जिलिंग और कालिम्पोंग को लेकर. . .

नई दिल्ली: पूर्वी भारत में मानसून की सक्रियता और ओडिशा के अंदरूनी हिस्सों के ऊपर बने डिप्रेशन के कारण कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। सबसे ज्यादा चिंता उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों, खासकर दार्जिलिंग और कालिम्पोंग को लेकर है। दार्जिलिंग में तेज बारिश के बीच भूस्खलन से तकदाह ग्रामीण अस्पताल प्रभावित हुआ। वहीं ओडिशा में हजारों लोगों को निचले और भूस्खलन संभावित इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

दार्जिलिंग में अस्पताल के पास भूस्खलन

दार्जिलिंग के तकदाह ग्रामीण अस्पताल के पास शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण अस्पताल परिसर के आसपास अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में एक मरीज के रिश्तेदार को मामूली चोट लगी, जबकि अस्पताल में भर्ती किसी मरीज के घायल होने की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर अस्पताल में भर्ती मरीजों को जिला अस्पताल ले जाया गया।दार्जिलिंग के अन्य हिस्सों में भी भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। हालांकि, कई स्थानों पर मलबा जल्द हटाए जाने के कारण सड़क यातायात को बहाल कर दिया गया।

दार्जिलिंग-कालिम्पोंग में फिर भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने दार्जिलिंग में शनिवार सुबह तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद रविवार तक भी भारी बारिश जारी रह सकती है। कालिम्पोंग और जलपाईगुड़ी में भी भारी बारिश का अनुमान है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है। दक्षिण और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिम बर्धमान, बीरभूम, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम में भी शनिवार सुबह तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

ओडिशा में 8 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए

ओडिशा में डिप्रेशन के प्रभाव से कई इलाकों में भारी बारिश हुई। निचले और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से 8,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कई जगहों पर जलभराव, पेड़ गिरने, भूस्खलन और मकानों को नुकसान की खबरें सामने आई हैं। खराब मौसम को देखते हुए ओडिशा के पांच जिलों में शुक्रवार को स्कूल बंद रखे गए।

रेलवे ट्रैक पर मलबा, कई ट्रेनें प्रभावित

ओडिशा में मालिगुड़ा और छत्रीपुट स्टेशनों के बीच भूस्खलन से रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं। सुरक्षा को देखते हुए चार ट्रेनों को रद्द किया गया, जबकि कुछ ट्रेनों को बीच के स्टेशनों पर ही समाप्त या वहीं से रवाना किया गया। रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित हिस्सों में स्थिति सामान्य करने में जुटी हैं।

आंध्र प्रदेश में सड़कें और खेत जलमग्न

आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। अनकापल्ली और चोडावरम को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। पार्वतीपुरम मान्यम जिले में लगातार बारिश के कारण तालाब, नहर और छोटी नदियां उफान पर हैं। कई जगह खेतों में भी पानी भर गया है।

विशाखापट्टनम में 28 सेंटीमीटर बारिश

आंध्र प्रदेश के उत्तर तटीय हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक विशाखापट्टनम में 28 सेंटीमीटर, कोय्यालागुडेम में 20 सेंटीमीटर और भीमुनिपट्टनम, काकीनाडा तथा पेड्डापुरम में 15-15 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई।शुक्रवार को अल्लूरी सीतारामराजू, एनटीआर और एलुरु जिलों में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया।तटीय आंध्र और यनम में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

झारखंड में भी भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

डिप्रेशन का असर झारखंड तक दिखाई दे रहा है। राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। मौसम विभाग ने रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

बांकुड़ा में भी बारिश ने बढ़ाई चिंता

पश्चिम बंगाल में गुरुवार से ही कई इलाकों में भारी बारिश जारी है। बांकुड़ा के कंसाबती बांध क्षेत्र में 24 घंटे के दौरान करीब 100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। हालांकि मौसम तंत्र अब कमजोर हो रहा है, लेकिन इसके प्रभाव से जुड़े बारिश के दौर का असर कई इलाकों में अभी बना हुआ है।

कमजोर हुआ डिप्रेशन, फिर भी बारिश का खतरा बरकरार

मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश के तट से गुजरने वाला गहरा दबाव क्षेत्र अब कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है। शुक्रवार सुबह यह दक्षिणी आंतरिक ओडिशा और उससे लगे छत्तीसगढ़ के ऊपर, नुआपाड़ा के आसपास केंद्रित था। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होकर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना है। हालांकि, इसके प्रभाव से बंगाल, ओडिशा, झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर कुछ समय तक जारी रह सकता है।

पहाड़ी इलाकों में सावधानी जरूरी

दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जैसे पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां प्रभावित इलाकों पर नजर रख रही हैं।बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वालों को विशेष सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

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