कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इस कड़ी में देर रात को बदमाशों ने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ को गोलियों से भून दिया। यह वारदात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हुई। वहीं बंगाल पुलिस तीन स्थानीय हिस्ट्री-शीटर से पूछताछ कर रही है। लेकिन मुख्य हमलावर फरार हैं। चंद्रनाथ हत्याकांड में सुपारी किलर्स के भी शामिल होने का शक जताया गया है। दरअसल, पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे आने और भाजपा की जीत के बाद लगातार हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें आ रही हैं, लेकिन बीती रात को हिंसा की यह आग तब और ज्यादा धधक उठी, जब उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इलाके में तनाव बढ़ा
चंद्रनाथ कई सालों से शुभेंदु के साथ काम कर रहे थे। उन पर दोहरिया इलाके में एक सड़क पर हमला किया गया। कई गोलियां लगने के बाद तुरंत एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हत्या से बंगाल की सियासत में हड़कंप मच गया है और इलाके में तनाव बढ़ गया है।
सीने से पांच गोलियां निकाली
यह सोची-समझी हत्या थी। चंद्रनाथ की कार का पीछा दो गाड़ियां कर रही थीं, एक चार-पहिया और एक बाइक। पीछा करने वाली कार ने चंद्रनाथ की गाड़ी को ओवरटेक किया, जिससे कार को धीमा करना पड़ा। कुछ ही पलों बाद, बाइक पर सवार हमलावरों ने करीब से गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान करीब चार राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से तीन गोलियां चंद्रनाथ के सीने, पेट और सिर में लगीं। चंद्रनाथ के सीने से पांच गोलियां निकाली गईं।
चालक की हालत भी गंभीर
चश्मदीदों ने पुलिस को बताया कि हमले में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी, जिससे यह शक पैदा होता है कि यह हमला पहले से ही सोच-समझकर किया गया था। एक ने बताया कि किसी ने उनकी कार का पीछा किया और जब कार धीमी हुई, तो उन्होंने गोली चला दी। गोलीबारी में गाड़ी का ड्राइवर भी घायल हो गया, जिसका कोलकाता के एसएसकेएफ अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
आस्ट्रिया में बनी पिस्टल का इस्तेमाल
घटनास्थल से बरामद गोलियों के खोखे इस बात का संकेत देते हैं कि हमले में किसी छोटे हथियार, संभवत: आॅस्ट्रिया में बनी पिस्टल का इस्तेमाल किया गया होगा। हालांकि, जांचकर्ताओं ने आगाह किया है कि सटीक हथियार की पुष्टि केवल फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो पाएगी। फॉरेंसिक जांच से पता चलेगा कि हमले में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया था।
डीजीपी बोले-गाड़ी को किया जब्त
घटनास्थल से मिले दृश्यों में कार की खिड़की पर गोलियों के निशान दिखाई दिए, जो हमले की भयावहता को दर्शाते हैं। जांचकर्ताओं ने घटनास्थल से खाली कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद की हैं। पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्धार्थ नाथ गुप्ता ने कहा है कि इस मामले से जुड़ी एक गाड़ी को रोक लिया गया है। कार की नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई थी। हमने गाड़ी को जब्त कर लिया है, उसमें से चले हुए कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद की हैं। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।