सभी फॉर्मेट की कप्तानी से हरमनप्रीत का इस्तीफा, भावुक पोस्ट में कहा- ‘कप्तानी खत्म, सफर जारी’
नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट में मंगलवार को बड़ा बदलाव हुआ। टीम की लंबे समय से कप्तान रहीं हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने साफ किया कि कप्तानी से अलग होने के बावजूद वह बतौर खिलाड़ी भारतीय टीम के लिए उपलब्ध रहेंगी। हरमनप्रीत का यह फैसला BCCI की सोमवार को हुई रिव्यू मीटिंग के बाद सामने आया। गुवाहाटी में हुई इस बैठक में BCCI सचिव देवजीत सैकिया के साथ हरमनप्रीत, उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार शामिल हुए थे।
भावुक पोस्ट में हरमनप्रीत ने बताया क्यों छोड़ी कप्तानी
हरमनप्रीत ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट की शुरुआत ही इस ऐलान के साथ की कि वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सभी फॉर्मेट की कप्तानी से हट रही हैं।उन्होंने लिखा कि यह फैसला आसान नहीं था। कप्तानी के इस सफर में वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल जुड़े हैं, जिन्हें वह जिंदगी भर याद रखेंगी।हरमनप्रीत ने कहा कि उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट और टीम के लिए अपना सब कुछ दिया। इसमें उनका समय, मेहनत और कई मौकों पर व्यक्तिगत प्रदर्शन तथा निजी महत्वाकांक्षाओं का त्याग भी शामिल रहा। उनके मुताबिक, कई बार उन्हें व्यक्तिगत विकास और अपनी प्राथमिकताओं को पीछे रखना पड़ा, क्योंकि उनके लिए टीम हमेशा पहले स्थान पर रही।
‘कई ऐसे फैसले लिए, जिन्हें हमेशा समझा नहीं गया’
हरमनप्रीत ने कप्तान के तौर पर अपने कार्यकाल के मुश्किल दौर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कप्तान रहते हुए उन्हें कई कठिन फैसले लेने पड़े।उनके अनुसार, इनमें कुछ फैसले ऐसे थे जिन्हें सभी लोग समझ नहीं पाए। कई फैसले आसान नहीं थे और कुछ की व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी। लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा टीम को बेहतर बनाना और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देना था। उन्होंने लिखा कि अपने कप्तानी करियर में उन्होंने दिल टूटने, आलोचना, संदेह और मुश्किल दौर के साथ-साथ टीम की बड़ी सफलताओं को भी देखा।
‘भावुक हूं, लेकिन मन में शांति है’
कप्तानी छोड़ने के फैसले को लेकर हरमनप्रीत ने कहा कि वह भावुक जरूर हैं, लेकिन उन्हें अपने फैसले को लेकर मन में शांति है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय महिला टीम मजबूत स्थिति में है और उसमें काफी प्रतिभा और आत्मविश्वास मौजूद है। उन्होंने टीम के भविष्य को लेकर उत्साह भी जाहिर किया। हरमनप्रीत के मुताबिक, अब उनके लिए जिंदगी और क्रिकेट करियर का अगला अध्याय शुरू करने का समय है।
बतौर खिलाड़ी खेलती रहेंगी हरमनप्रीत
कप्तानी छोड़ने का मतलब हरमनप्रीत का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास नहीं है। वह भारतीय टीम के लिए बतौर खिलाड़ी खेलना जारी रखेंगी। उन्होंने अपने संदेश में साफ संकेत दिया कि अब वह कप्तानी की जिम्मेदारी के अतिरिक्त दबाव के बिना फिर से खेल के आनंद पर ध्यान देना चाहती हैं। उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में इसी भाव को व्यक्त करते हुए कहा कि कप्तानी का अध्याय समाप्त हो रहा है, लेकिन क्रिकेट का सफर जारी रहेगा।
2016 में संभाली थी टी20 की कप्तानी
हरमनप्रीत ने 2016 में भारतीय महिला टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी। इसके बाद 2022 में मिताली राज के संन्यास के बाद उन्हें वनडे टीम की भी कप्तानी मिली। बाद में वह तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तान बनीं। करीब एक दशक तक नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब हरमनप्रीत ने इस भूमिका से खुद को अलग करने का फैसला किया है।
विश्व कप और एशियन गेम्स की ऐतिहासिक सफलता
हरमनप्रीत के कप्तानी करियर का सबसे बड़ा अध्याय भारत की ऐतिहासिक सफलताओं से जुड़ा रहा। उनकी कप्तानी में भारत ने पिछले साल अपना पहला महिला वनडे विश्व कप जीता। इसके बाद हाल ही में 2026 एशियन गेम्स में भी भारतीय महिला टीम ने हरमनप्रीत की कप्तानी में स्वर्ण पदक जीता। फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 147 रन से हराया था। स्मृति मंधाना ने उस मुकाबले में 79 रन की शानदार पारी खेली थी। इस तरह हरमनप्रीत ने भारतीय महिला क्रिकेट को दो बड़े खिताब दिलाने के बाद कप्तानी से हटने का फैसला किया है।
अब सबसे बड़ा सवाल- कौन बनेगा नया कप्तान?
हरमनप्रीत के इस्तीफे के साथ ही भारतीय महिला क्रिकेट के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि अगला कप्तान कौन होगा? इस रेस में फिलहाल स्मृति मंधाना का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। मंधाना लंबे समय से टीम की नेतृत्व व्यवस्था का हिस्सा रही हैं और हरमनप्रीत की अनुपस्थिति में भारत की कप्तानी भी कर चुकी हैं। इसके अलावा वह महिला प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी कर चुकी हैं। उनकी कप्तानी में RCB ने भी सफलता हासिल की है, जिससे उनके नेतृत्व अनुभव को मजबूती मिली है।
स्मृति मंधाना ने पहले ही जताई थी कप्तानी की इच्छा
दिलचस्प बात यह है कि हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने से कुछ समय पहले ही स्मृति मंधाना से भारतीय टीम की कप्तानी को लेकर सवाल पूछा गया था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि अगर उन्हें जिम्मेदारी दी जाती है तो वह इसके लिए तैयार हैं। इसलिए अगर चयनकर्ता और BCCI मंधाना को कमान सौंपते हैं, तो यह अचानक शुरू होने वाली प्रक्रिया नहीं होगी। वह पहले से ही टीम की नेतृत्व संरचना में मौजूद रही हैं।
मंधाना के सामने होगी बड़ी जिम्मेदारी
अगर स्मृति मंधाना को कप्तान बनाया जाता है, तो उनके सामने हरमनप्रीत की विरासत को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। मंधाना को एक ऐसी टीम की कमान मिल सकती है जिसने हाल के समय में विश्व कप और एशियन गेम्स जैसे बड़े खिताब जीते हैं। साथ ही टीम में युवा खिलाड़ियों की नई पीढ़ी भी तैयार हो रही है। पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज ने भी इससे पहले नेतृत्व में बदलाव को लेकर स्मृति मंधाना को लंबे फॉर्मेट के लिए उपयुक्त बताया था, जबकि शफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स जैसे युवा खिलाड़ियों को भविष्य के टी20 नेतृत्व के विकल्प के रूप में देखा था।
हरमनप्रीत का आखिरी संदेश- ‘सफर जारी रहेगा’
कप्तानी छोड़ते हुए हरमनप्रीत ने अपने साथियों, कोचिंग स्टाफ, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, BCCI, परिवार और प्रशंसकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों ने उनके अच्छे और बुरे दोनों दौर में उनका साथ दिया। हरमनप्रीत के लिए अब भूमिका जरूर बदल गई है, लेकिन भारतीय क्रिकेट से उनका रिश्ता खत्म नहीं हुआ है। कप्तान के रूप में उनका अध्याय समाप्त हुआ है, लेकिन खिलाड़ी के रूप में उनका सफर जारी रहेगा।
अब नजर BCCI के अगले फैसले पर
हरमनप्रीत के इस्तीफे के बाद अब सबकी नजर BCCI और चयन समिति के अगले फैसले पर है। स्मृति मंधाना सबसे स्वाभाविक और मजबूत विकल्पों में दिखाई दे रही हैं, लेकिन नए कप्तान की आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है। भारतीय महिला क्रिकेट में यह सिर्फ कप्तानी बदलने का फैसला नहीं, बल्कि एक सफल नेतृत्व युग के बाद नई पीढ़ी को कमान सौंपने की शुरुआत भी हो सकती है।