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आधी रात समंदर में धमाका: ओमान के पास तेल टैंकर पर मिसाइल हमला, सुलग उठा पश्चिम एशिया

पश्चिम एशिया में शांति बहाली की कोशिशों के बीच समंदर एक बार फिर बारूद की गंध से दहल उठा है। एक तरफ जहाँ अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे शांति वार्ता चल रही है, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय. . .

पश्चिम एशिया में शांति बहाली की कोशिशों के बीच समंदर एक बार फिर बारूद की गंध से दहल उठा है। एक तरफ जहाँ अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे शांति वार्ता चल रही है, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने का खूनी खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है।

सुबह-सुबह दहला ओमान का तट: मिसाइल लगते ही टैंकर बना आग का गोला

भारतीय समयानुसार मंगलवार की सुबह-सुबह ओमान के पास लिमाह (Limah) के समुद्र में एक विशाल तेल टैंकर पर भीषण मिसाइल हमला हुआ।

  • जोरदार धमाका: मिसाइल टकराते ही टैंकर में भीषण आग लग गई और आसमान में लपटें उठने लगीं।
  • UKMTO की पुष्टि: यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इस हमले की आधिकारिक जानकारी दी है। UKMTO के मुताबिक, दक्षिण की ओर जा रहे इस टैंकर के पोर्ट साइड (बाईं तरफ) एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल (मिसाइल/ड्रोन) आकर टकराया, जिससे उसमें आग भड़क उठी।
  • राहत की खबर: गनीमत यह रही कि इस भयानक हमले के बावजूद किसी क्रू मेंबर के हताहत होने या समुद्र में तेल रिसाव (पर्यावरण नुकसान) की कोई खबर नहीं है।

शांति वार्ता के बीच ‘मिसाइल गेम’: टाइमिंग पर उठे गंभीर सवाल

इस हमले ने पूरी दुनिया के व्यापारिक जहाजों और शिपिंग कंपनियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात इस हमले की टाइमिंग है:

  • यह हमला ठीक उस वक्त हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित करने को लेकर एक अहम सहमति बनती दिख रही थी।
  • फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि हमला किसने किया। इस घटना पर अभी तक न तो अमेरिका और न ही ईरान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान आया है।

. शक की सूई ईरान पर क्यों? 4 दिन पहले दी थी खुली चेतावनी

भले ही इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने न ली हो, लेकिन वैश्विक रणनीतिकारों के शक की सूई सीधे ईरान (तेहरान) की तरफ घूम रही है। इसके पीछे दो बेहद पुख्ता कारण हैं:

पहला कारण: ईरान की पुरानी धमकियां ईरान पहले भी ओमान के तट के पास से गुजरने वाले इस विशेष और संवेदनशील नौवहन मार्ग (shipping route) का इस्तेमाल करने वाले जहाजों को सीधे तौर पर धमकियां देता रहा है।

दूसरा कारण: पिछले गुरुवार का वो खतरनाक बयान महज चार दिन पहले (पिछले गुरुवार को) ईरान ने एक कड़ा बयान जारी कर चेतावनी दी थी कि जलमार्ग में केवल उसका ही मार्ग सुरक्षित है।

4. होर्मुज स्ट्रेट में ईरान का ‘नया नियम’ और अमेरिका को चुनौती

ईरान ने कुछ दिन पहले ही साफ कर दिया था कि वह इस समुद्री इलाके में किसी की मनमानी नहीं चलने देगा। ईरान के सशस्त्र बलों ने घोषणा की थी कि:

  • सख्त प्रोटोकॉल: होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में यदि किसी जहाज ने ईरान के नौवहन प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया, या वह निर्धारित मार्ग से भटका, तो उसके खिलाफ तत्काल और बलपूर्वक सैन्य कार्रवाई की जाएगी।
  • अमेरिका को सीधी वॉर्निंग: तेहरान ने अपने बयान में यह भी साफ कहा था कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी सेना ने किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने की कोशिश की, तो उसका त्वरित और निर्णायक (करारा) जवाब दिया जाएगा।

इस ताजा हमले के बाद अब आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई शांति वार्ता खटाई में पड़ सकती है और खाड़ी देशों में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच सकता है।

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