नई दिल्ली: आयरलैंड दौरे पर निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भी भारतीय टीम मुश्किलों में घिर गई है। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में 190 रन का मजबूत स्कोर बनाने के बावजूद भारत को चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ टीम इंडिया सीरीज में 0-1 से पिछड़ गई है और अब मंगलवार को ट्रेंट ब्रिज, नॉटिंघम में होने वाला तीसरा टी20 मुकाबला भारत के लिए करो या मरो जैसा बन गया है। टीम मैनेजमेंट के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही प्लेइंग-11 चुनने की होगी। गेंदबाजी संयोजन से लेकर बल्लेबाजी क्रम तक कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सबसे ज्यादा चर्चा रवि बिश्नोई की जगह युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को मौका मिलने की है।
रवि बिश्नोई पर गिर सकती है गाज, 17वें ओवर ने बदल दी मैच की कहानी
दूसरे टी20 में लेग स्पिनर रवि बिश्नोई का प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुआ। उन्होंने अपने चार ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 60 रन खर्च कर दिए। सबसे बड़ा झटका भारत को इंग्लैंड की पारी के 17वें ओवर में लगा, जब बिश्नोई ने 29 रन लुटा दिए। यही ओवर मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ और इंग्लैंड ने पूरी तरह मुकाबले पर पकड़ बना ली। इंग्लिश परिस्थितियों में पहले से ही अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती जैसे दो स्पिनर मौजूद थे। ऐसे में तीसरे स्पेशलिस्ट स्पिनर को खिलाने का फैसला टीम इंडिया पर भारी पड़ गया। अब माना जा रहा है कि ट्रेंट ब्रिज में बिश्नोई को आराम देकर अतिरिक्त तेज गेंदबाज को मौका दिया जा सकता है।
प्रिंस यादव की एंट्री लगभग तय! इंग्लैंड की परिस्थितियों में मिल सकता है फायदा
अगर टीम इंडिया अतिरिक्त तेज गेंदबाज के साथ उतरती है तो सबसे मजबूत दावेदार प्रिंस यादव माने जा रहे हैं। प्रिंस नई गेंद से स्विंग कराने और सीम मूवमेंट हासिल करने में सक्षम हैं, जो इंग्लैंड की परिस्थितियों में बेहद प्रभावी हथियार साबित हो सकता है। हालांकि प्रसिद्ध कृष्णा भी विकल्प हैं, लेकिन टी20 क्रिकेट में उनकी बैक-ऑफ-लेंथ गेंदों पर बल्लेबाज आसानी से बड़े शॉट खेल लेते हैं। यही वजह है कि टीम मैनेजमेंट युवा प्रिंस यादव पर भरोसा जता सकता है।
अर्शदीप ने दिलाई शानदार शुरुआत, लेकिन डेथ ओवरों में बिखरी गेंदबाजी
मैनचेस्टर टी20 में अर्शदीप सिंह ने शुरुआती ओवरों में शानदार गेंदबाजी करते हुए फिल साल्ट और जोस बटलर जैसे खतरनाक बल्लेबाजों को जल्दी पवेलियन भेज दिया। लेकिन इसके बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने पलटवार करते हुए अर्शदीप के एक ओवर में 27 रन ठोक दिए। भारत शुरुआती सफलता का फायदा नहीं उठा सका और इंग्लैंड ने 191 रन का लक्ष्य एक ओवर शेष रहते हासिल कर लिया। तीसरे मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों के सामने सिर्फ विकेट लेने की नहीं, बल्कि डेथ ओवरों में रन रोकने की भी बड़ी चुनौती होगी।
15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सबसे ज्यादा निगाहें
तीसरे टी20 में सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की होगी। डेब्यू मैच में वह केवल 10 गेंदों में 14 रन बनाकर आउट हो गए थे, लेकिन छोटी सी पारी में उन्होंने जिस बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वैभव ने दुनिया के सबसे तेज गेंदबाजों में शामिल जोफ्रा आर्चर और जोश टंग के खिलाफ शानदार छक्के लगाकर साफ कर दिया कि वह किसी भी परिस्थिति में अपना स्वाभाविक आक्रामक खेल नहीं बदलेंगे।अब डेब्यू का दबाव खत्म हो चुका है और ट्रेंट ब्रिज जैसी बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच पर उनके पास पहली बड़ी इंटरनेशनल पारी खेलने का शानदार मौका होगा।
अभिषेक शर्मा की फॉर्म टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी राहत
इंग्लैंड दौरे पर भारतीय बल्लेबाजी में अगर किसी खिलाड़ी ने लगातार प्रभावित किया है तो वह हैं अभिषेक शर्मा। उन्होंने पिछली दो पारियों में 59 और 43 रन बनाए और दोनों बार केवल 24-24 गेंदों का सामना किया। जहां बाकी भारतीय बल्लेबाज अतिरिक्त उछाल, सीम मूवमेंट और इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की विविधता से परेशान नजर आए, वहीं अभिषेक ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी कर विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाया। अगर वैभव और अभिषेक की युवा ओपनिंग जोड़ी लंबी साझेदारी करती है तो भारत शुरुआती छह ओवरों में ही मैच का रुख अपने पक्ष में मोड़ सकता है।
मिडिल ऑर्डर को निभानी होगी बड़ी जिम्मेदारी
कप्तान श्रेयस अय्यर और विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने इस दौरे पर उपयोगी पारियां जरूर खेली हैं, लेकिन दोनों अभी तक इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण पर पूरी तरह हावी नहीं हो सके हैं। वहीं तिलक वर्मा ने दूसरे टी20 में केवल 11 गेंदों में नाबाद 24 रन बनाकर शानदार फिनिश दिया। मिडिल ओवरों में इंग्लैंड के स्पिनरों और धीमी गेंदों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों को बेहतर रणनीति अपनानी होगी।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर भी उठ रहे सवाल
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत अब तक चार टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल चुका है।
- आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में हार
- इंग्लैंड के खिलाफ पहला मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ा
- दूसरा मुकाबला चार विकेट से गंवाया
यानी अय्यर की कप्तानी में भारत अब तक एक भी टी20 इंटरनेशनल जीत नहीं सका है। ऐसे में तीसरा मुकाबला केवल सीरीज बचाने के लिए ही नहीं, बल्कि कप्तान के तौर पर अय्यर की साख के लिए भी बेहद अहम होगा।
भारत की संभावित प्लेइंग-11
- अभिषेक शर्मा
- वैभव सूर्यवंशी
- ईशान किशन (विकेटकीपर)
- श्रेयस अय्यर (कप्तान)
- तिलक वर्मा
- शिवम दुबे
- हर्षित राणा
- अक्षर पटेल
- प्रिंस यादव
- अर्शदीप सिंह
- वरुण चक्रवर्ती
इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग-11
- फिल साल्ट
- जोस बटलर (विकेटकीपर)
- हैरी ब्रूक (कप्तान)
- जैकब बेथेल
- टॉम बैंटन
- सैम करन
- विल जैक्स
- लियाम डॉसन
- जोफ्रा आर्चर
- आदिल राशिद
- जोश टंग
सीरीज में वापसी का आखिरी मौका
ट्रेंट ब्रिज में होने वाला तीसरा टी20 मुकाबला भारतीय टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। एक और हार भारत को सीरीज में बेहद मुश्किल स्थिति में पहुंचा देगी, जबकि जीत से टीम जोरदार वापसी कर सकती है। सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि क्या टीम मैनेजमेंट गेंदबाजी में बदलाव करता है, क्या प्रिंस यादव को डेब्यू का मौका मिलता है और क्या 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की पहली बड़ी पारी खेलकर टीम इंडिया को जीत दिला पाते हैं।