अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गबन का मामला लगातार गहराता जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) इस मामले में एक्शन मोड में हैं। आज पुलिस ने मुख्य आरोपी टिन्नू यादव समेत सभी 8 आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान अब तक करीब 79 लाख 85 हजार रुपये बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस आरोपियों की प्रॉपर्टी और दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।
SIT जांच में खुलीं सुरक्षा की पोल: ये थीं 3 बड़ी खामियां
एसआईटी (SIT) की प्रारंभिक जांच में मंदिर के चढ़ावा प्रबंधन को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जो सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था और नियमों की अनदेखी की ओर इशारा करते हैं:
- पूर्व ड्राइवर के पास थीं चाबियां: नियमों के विपरीत, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पूर्व ड्राइवर रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के पास कई ‘हुंडियों’ (दानपात्रों) की चाबियां थीं। इन्हीं दानपात्रों से कथित रूप से रकम निकाली गई।
- CCTV फुटेज से छेड़छाड़/लापरवाही: मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, चढ़ावे की गिनती की सीसीटीवी फुटेज को 180 दिनों तक सुरक्षित रखना अनिवार्य था, लेकिन इसे केवल 45 दिनों तक ही रखा गया।
- SOP का उल्लंघन: कैश काउंटिंग (नकदी की गिनती) के दौरान न तो पर्याप्त सुरक्षा गार्ड तैनात थे और न ही कर्मचारियों के आने-जाने पर सख्त तलाशी ली जा रही थी।
इन आरोपियों के घरों पर पड़ी दबिश
अयोध्या पुलिस ने कोई चूक न छोड़ते हुए एक साथ कई ठिकानों पर घेराबंदी की है, जिनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
- रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव (चंपत राय का पूर्व ड्राइवर)
- सुभाष चंद्र श्रीवास्तव (चढ़ावे की गिनती का प्रभारी)
- अनुकल्प मिश्रा
- लवकुश मिश्रा
- रमाशंकर मिश्रा
- कमलेश पांडे
टिन्नू के घर पर ताला: छापेमारी के दौरान आरोपी टिन्नू यादव के घर पर ताला लटका मिला, जिसके बाद पुलिस ने पड़ोसियों से कड़ी पूछताछ की है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
11 जुलाई को बड़ा फैसला: ट्रस्ट का पूरा ढांचा बदलने की तैयारी
इस विवाद के बाद अब राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी चल रही है। सभी सदस्यों से सुझाव मांगे गए हैं और 11 जुलाई को होने वाली बैठक में कई कड़े फैसले लिए जा सकते हैं:
- इस्तीफों पर मुहर: चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों की मंजूरी पर अंतिम फैसला हो सकता है।
- प्रोफेशनल्स को कमान: अब चढ़ावे के मैनेजमेंट, गिनती और हिसाब-किताब का जिम्मा चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), पूर्व बैंक अधिकारियों और मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स जैसे प्रोफेशनल्स को सौंपने की तैयारी है।
इसी बीच, श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंदानंद सरस्वती भी आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं, जिसमें वे धन की इस अनियमितता पर ट्रस्ट का आधिकारिक पक्ष रखेंगे।