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 बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी को पुलिस ने किया ‘हाउस अरेस्ट’ , VIP ने लगाया ‘अघोषित आपातकाल’ का आरोप

पटना। बिहार के पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक मुकेश सहनी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ में रोक दिया है। पार्टी का दावा है कि उन्हें हाउस अरेस्ट जैसी स्थिति में रखा गया है और राज्य. . .

पटना। बिहार के पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक मुकेश सहनी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ में रोक दिया है। पार्टी का दावा है कि उन्हें हाउस अरेस्ट जैसी स्थिति में रखा गया है और राज्य में प्रस्तावित राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रशासन ने शाहजहांपुर समेत कई जिलों में उनके प्रस्तावित दौरे पर भी रोक लगा दी है।

SP की गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर लिया गया फैसला

पार्टी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह कार्रवाई शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) की एक गोपनीय रिपोर्ट के बाद की गई। रिपोर्ट में आशंका जताई गई थी कि मुकेश सहनी के दौरे से जिले में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव प्रभावित हो सकता है। इसी इनपुट के आधार पर प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उनके कार्यक्रमों पर रोक लगा दी।

निषाद समुदाय को जोड़ने के लिए था राजनीतिक दौरा

VIP के अनुसार, मुकेश सहनी उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन के विस्तार और निषाद समुदाय को एकजुट करने के उद्देश्य से कई जिलों के दौरे पर थे। सोमवार (29 जून) को उन्हें मिर्जापुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी थी और इसके बाद शाहजहांपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक का कार्यक्रम तय था। हालांकि, प्रशासनिक कार्रवाई के बाद उनका पूरा दौरा रोक दिया गया।

लखनऊ में कड़ी निगरानी, बाहर निकलने की अनुमति नहीं

पार्टी का आरोप है कि लखनऊ में मुकेश सहनी के ठिकाने पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

मुकेश सहनी बोले- ‘यह अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति’

प्रशासन की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा,

“यह लोकतंत्र की भावना का सीधा उल्लंघन है। उत्तर प्रदेश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बना दी गई है। सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और जनता द्वारा चुने गए नेताओं की आवाजाही व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगा रही है।”

‘निषाद समाज की लड़ाई नहीं रुकेगी’

मुकेश सहनी ने कहा कि यह कार्रवाई निषाद समुदाय के अधिकार, सम्मान और आरक्षण की मांग को दबाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा, “हम ऐसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। निषाद समाज अब अपने अधिकारों और सम्मान के प्रति जागरूक है। हमारा आंदोलन किसी भी दबाव से रुकने वाला नहीं है और हम अपने अधिकारों की लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ेंगे।”

प्रशासन और VIP के दावों के बीच बढ़ा सियासी विवाद

मुकेश सहनी को लेकर हुई इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। जहां प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम बता रहा है, वहीं VIP इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला और राजनीतिक गतिविधियों को रोकने की कोशिश करार दे रही है। मामले पर प्रशासन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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